कृषि विश्वविद्यालय में पीएम किसान सम्मन निधि योजना की 21वीं किस्त जारी होने के अवसर पर ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन      Publish Date : 20/11/2025

कृषि विश्वविद्यालय में पीएम किसान सम्मन निधि योजना की 21वीं किस्त जारी होने के अवसर पर ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन

सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कल दिनांक 19/11/2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तमिलनाडु के कोयंबटूर से पीएम किसान सम्मन निधि योजना की 21वीं किस्त जारी की गई। इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय में ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में   कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर के. के. सिंह एवं शहर विधायक अमित अग्रवाल भी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, निदेशक, विभाग अध्यक्ष, छात्र-छात्राएं एवं किसान भी उपस्थित रहे।

                                                       

कुलपति डॉ के. के. सिंह ने कहा इस तरह के कार्यक्रमों में भागीदारी करने से किसानों और छात्र-छात्राओं को सीखने और अधिक समझने का मौका मिलता है। मेरठ शहर के विधायक अमित अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लगभग 9 करोड़ पात्र किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 18 करोड रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर की है। इससे प्रत्येक किसान को दो-दो हजार रुपए की यह कि सीधी उनके बैंक खातों में जमा हुई है।

विधायक अमित अग्रवाल ने बताया कि इस बार मोदी जी ने किसानों के लिए   प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और कृषि में नवाचार को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में सरकार की समर्थन योजनाओं की जानकारी साझा की और कहा कि किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं किसानों की आय बढ़ाने और रबी सीजन की तैयारी में मददगार है।

                                                         

आज हुई नेचुरल फार्मिंग समिट में 50,000 से अधिक किसान शामिल हुए। जहां जैविक उत्पाद बी और प्राकृतिक खेती की तकनीक पर चर्चा की गई। लाभ पाने के लिए किसानों को आधार बैंक लिंकिंग और भूमि रिकॉर्ड सत्यापन जैसी प्रक्रियाएं पूरी कराने के लिए भी कहा गया। योजना का लाभ और पीएम किसान योजना के तहत हर साल ₹6000 तीन किस्तों में किसानों को मिलते हैं जो सीधे उनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर होते हैं। इस योजना से किसानों को खेती की लागत में राहत और आय में वृद्धि होती है जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलती है और रबी के सीजन की तैयारी कर रहे किसानों को खासतौर से राहत देगी और खेती की लागत को पूरा करने में मदद करेगी।

                                                     

इस अवसर पर कुल सचिव राम जी सिंह, निदेशक ट्रेंनिंग प्लेसमेंट प्रोफेसर आर. एस. सेंगर, अधिष्ठाता कृषि विवेक धामा, अधिष्ठाता बायोटेक्नोलॉजी डॉक्टर रविंद्र कुमार, अधिष्ठाता टेक्नोलॉजी डॉक्टर जयवीर यादव, अधिष्ठाता हॉर्टिकल्चर डॉ विजेंद्र सिंह, अधिष्ठाता वेटरनरी डॉक्टर तरुण सरकार और विभिन्न विभागों के शिक्षक, कर्मचारी, किसान तथा छात्र-छात्राएं काफी संख्या में मौजूद रहे।