उत्तर प्रदेश के मक्का किसानों के लिए नई योजना      Publish Date : 16/01/2026

       उत्तर प्रदेश के मक्का किसानों के लिए नई योजना

                                                                                                                                   प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 शालिनी गुप्ता

पॉपकॉर्न मशीन से बढ़ेगी आयः पॉपिंग मशीन से किसान घर पर ही मक्का के उत्पाद तैयार कर बाजार में बेच सकेंगे, जिससे उनकी खेती के साथ अतिरिक्त आय सुनिश्चित होगी।

उत्तर प्रदेश में मक्का की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। अब किसान खेती के साथ-साथ आधुनिक मशीनों का उपयोग कर मक्का के दानों के पॉपकॉर्न बनाकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। इसके लिए कृषि विभाग ने ‘त्वरित मक्का विकास योजना’ की शुरूआत की है, जिसमें किसानों को पॉपिंग मशीन जैसे अन्य उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

                                                           

यह योजना मक्का की खेती को प्रोत्साहित करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। कृषि विभाग के अनुसार, योजना का लाभ उठाने के लिए किसान को विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण और ऑनलाइन बुकिंग करना अनिवार्य है। इच्छुक किसान 21 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं। इस योजना का लाभ उठाकर मक्का किसान अपनी अतिरिक्त आमदनी के स्रोत को बढ़ा सकते हैं।

योजना के तहत 10,000 रुपये से कम कीमत वाली मशीनों के लिए कोई टोकन राशि नहीं देनी होगी, जबकि अधिक मूल्य वाली मशीनों के लिए 5,000 रुपये का टोकन देना होगा। पॉपिंग मशीन से किसान घर पर ही मक्का के उत्पाद तैयार कर बाजार में आसानी से बेच सकेंगे, जिससे उनकी खेती के साथ अतिरिक्त आय भी सुनिश्चित होगी।

                                                     

उत्तर प्रदेश देश में मक्का के क्षेत्रफल के मामले में चौथे स्थान पर है। प्रदेश में मक्का का उपयोग मुख्य रूप से पोल्ट्री फीड, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, एनीमल फीड, स्टार्च और एथेनॉल उत्पादन के लिए किया जाता है। इसके अलावा, धार्मिक पर्यटन और औद्योगिकीकरण के बढ़ते प्रभाव से होटल उद्योग में स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न की मांग भी अब तेजी के साथ बढ़ रही है।

प्रदेश में मक्का की खेती खरीफ, रबी और जायद तीनों मौसम में की जाती है, लेकिन खरीफ मुख्य सीजन माना जाता है। वर्तमान में प्रदेश में मक्का का क्षेत्रफल 10.85 लाख हेक्टेयर है, जिसमें कुल उत्पादन 30.55 मीट्रिक टन और मक्का की औसत उत्पादकता 28.15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।