
गर्भावस्था में खून की कमी कारण एवं बचाव Publish Date : 20/09/2026
गर्भावस्था में खून की कमी कारण एवं बचाव
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
प्रतिष्ठित पत्रिका ‘द लांसेट’ में प्रकाशित किए गए एक नए अध्ययन में बताया गया है कि गर्भावस्था में एनीमिया (खून की कमी) होने पर जन्म के समय शिशु के मृत होने का खतरा तीन गुना तक बढ़ जाता है। क्या है खून की कमी का समाधान समय रहते ही कराना आवश्यक है।
चिकित्सा शोध
गर्भावस्था में आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं की कमी हो जाती है। शरीर हीमोग्लोबिन बनाने के लिए आयरन का उपयोग करता है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला एक प्रोटीन है जो ऊतकों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है।
गर्भावस्था में शरीर में आयरन की मांग भी अधिक होती है। शिशु को ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए अधिक रक्त बनाने के लिए शरीर आयरन का अधिक उपयोग करता है। लंकिन यदि भावी माता के शरीर में पर्याप्त मात्रा आयरन नहीं है, तो इससे गर्भस्थ शिशु के लिए जानलेवा स्थिति भी बन सकती है।
बचपन से डालें आदतः किशोर उम्र की बच्चियों मानसिक धर्म की चुनौतियों और पोषण की कमी आदि के कारण एनीमिया की शिकार हो जाती हैं। यह उनके शारीरिक विकास में भी बाधक है। यही है कि आगे चलकर वे उनके स्वस्थ मां बनने में बाधक बन सकता है।
गर्भावस्था में एनीमिया के लक्षण
- अत्यधिक थकान का अनुभव करना।
- कमजोरी का अनुभव।
- चक्कर आना।
- त्वचा का रंग हल्का पड़ना या त्वचा और आंखों का पीला पड़ जाना।
- सांस लेने में कठिनाई होना।
- दिल की धड़कन का तेज होना।
- रक्तचाप का कम होना।
- ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होना आदि।
बचाव के लिए कुछ जरूरी उपाय
- आयरन युक्त विटामिन की गोली लेनी चाहिए।
- आयरन युक्त आहार लें।
- हरी पत्तेदार सब्जियां, सूखे बींस और मटर को भोजन में शामिल करें।
- विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थ लें। जैसे संतरे का रस, टमाटर का रस या स्ट्रॉबेरी।
- आयरन सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो कैल्शियम युक्त सप्लीमेंट से बचें।
लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।