अब 45 मिनट में आ जाएगी डीएनए जांच की रिपोर्ट      Publish Date : 09/01/2026

     अब 45 मिनट में आ जाएगी डीएनए जांच की रिपोर्ट

                                                                                                                                                       डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

चिकित्सा, अनुसंधान या अन्य कारणों से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाली डीएनए जांच की रिपोर्ट के लिए अब 24 या 72 घंटों तक इंतजार नहीं करना होगा। अब यह रिपोर्ट केवल 35 से 45 मिनट के अन्दर ही आपको मिल जाएगी। विज्ञानियों ने ऐसी किट तैयार की है, जिससे 13 की जगह सिर्फ तीन टेस्ट लेने होंगे। समय की बचत के साथ खर्च भी 60 से 70 प्रतिशत तक कम आएगा।

खास यह है कि इस किट को महत्वपूर्ण प्रयोगशाला तकनीक पीसीआर (पालीमरेज चेन रिएक्शन) के लिए भी तैयार किया जा रहा है, जिससे टाइफाइड, तपेदिक, इन्फ्लुएंजा, मलेरिया और डेंगू की जांच भी की जा सकेगी।

मोहाली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आइसर) के सहयोग से इंडोक्स साल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक जिम्मी भांबरा की टीम ने इस किट को तैयार किया है। पंचकूला में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में पेश इस विशेष किट को आइसर की लैब में तैयार किया गया है।

इसके तहत सैंपल तैयार करने के लिए इन्नो एक्सट्रैक्ट (तरल रूप) और लैब के काम के लिए विशेष यंत्र (इंस्टूमेंट) विकसित किए गए हैं, जो चंद मिनटों में डीएनए (डीआक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड) जांच की रिपोर्ट दे देंगे।

                                                     

इस तरह काम करती है यह तकनीकः जिम्मी भांबरा बताते हैं कि अभी तक रक्त के नमूने लेने के बाद डीएनए निकालने के लिए 13 से 14 जांच की जाती है, जिसमें चार से छह घंटे का समय लग जाता है।

लेकिन अब नई तकनीक में रक्त से डीएनए निकालने के लिए इन्नो एक्सट्रैक्ट (तरल रूप) का उपयोग किया जाता है, जिसमें दस मिनट के भीतर दो से तीन जांच करने के साथ ही डीएनए अलग हो जाएगा। इसके बाद की जांच के लिए लैब में जाना पड़ता है। लैब के अंदर डीएनए को एक निश्चित तापमान (-40 डिग्रीसेल्सियस) में रखना होता है।

निर्धारित तापमान पर आने के बाद उसकी जांच होती है, जिसमें 12 से 15 घंटे का समय लग जाता है। नई तकनीक के अनुसार, लैब का काम नए यंत्र से होगा, जो चंद मिनटों में आवश्यक तापमान प्राप्त कर लेगा।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।