
सब्जियों में खतरनाक कीडें सावधान रहकर प्रयोग करें Publish Date : 04/01/2026
सब्जियों में खतरनाक कीडें सावधान रहकर प्रयोग करें
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
-
पत्तागोभी के कीड़े ने ली 18 साल की छात्रा की जान, दिमाग में बनी 20 गाठें! मौजूद है खतरनाक टेपवर्म।
-
जब टेपवर्म के अंडे या लार्वा शरीर में जाते हैं, तो वे शुरू में आंतों में बढ़ते हैं. बाद में खून के जरिए दिमाग तक पहुँच जाते हैं।
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां 18 साल की छात्रा इल्मा नदीम की दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में फास्ट फूड खाने के बाद मौत हो गई। इल्मा को एक महीने पहले टाइफाइड हुआ था, और तब से उसकी तबीयत खराब होती जा रही थी। टेस्ट में उसके दिमाग में कई सिस्ट पाए गए, जो शायद फास्ट फूड में इस्तेमाल की गई पत्तागोभी से हुए पैरासिटिक इन्फेक्शन के कारण थे।
इल्मा का नोएडा के एक प्राइवेट अस्पताल में CT स्कैन और MRI हुआ। डॉक्टरों को उसके दिमाग में 20-25 सिस्ट मिले. उन्होंने कहा कि ये पैरासिटिक इन्फेक्शन की वजह से हो सकते हैं, शायद फास्ट फूड में पत्तागोभी से. उसका नौ दिनों तक RML अस्पताल में इलाज चला। सर्जनों ने उसके दिमाग का ऑपरेशन किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
इससे पहले, दिसंबर 2025 में, अमरोहा में एक और छात्रा की फास्ट फूड खाने से मौत हो गई थी। 11वीं क्लास की छात्रा अहाना का दिल्ली के AIIMS में इलाज चल रहा था। ज्यादा फास्ट फूड खाने से उसकी आंतें ब्लॉक हो गई थीं, जिससे उसका डाइजेस्टिव सिस्टम बुरी तरह खराब हो गया था। उसकी सर्जरी हुई, लेकिन उसकी भी मौत हो गई। उसके परिवार ने बताया कि वह घर के खाने के बजाय रेगुलर पिज्जा, चाउमीन और बर्गर खाती थी, जिसकी वजह से आखिरकार उसकी मौत हो गई।
ऐसे में आज इस खबर में विस्तार से क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. रेनुका से जानते है कि फास्ट फूड कितना खतरनाक है? टेपवर्म क्या है और यह दिमाग में सिस्ट कैसे पैदा कर सकता है? इसके साथ ही जानेंगें कि पत्तागोभी और हरी सब्जियां सुरक्षित रूप से कैसे खाएं?
फास्ट फूड कितना खतरनाक है?
यह बात पक्की है कि जंक फूड पूरी दुनिया में हर जगह मिल रहा है। ये मीठे, फैटी और स्वादिष्ट खाने की चीजें अब लगभग हर जगह आसानी से मिल जाती हैं और इन्हें खाने से अपने आपको रोकना मुश्किल हो सकता है। लेकिन, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि जंक फूड का रेगुलर सेवन हमारी पूरी सेहत और भलाई पर बुरे असर डाल सकता है। 'जंक फूड' उन खाने की चीजों को कहते हैं जिनमें कैलोरी ज्यादा होती है लेकिन पोषक तत्व कम होते हैं। कहने का मतलब है कि इन खाने की चीजों में आमतौर पर कैलोरी, फैट, चीनी, नमक और प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट ज्यादा होते हैं, लेकिन विटामिन, मिनरल और फाइबर जैसे जरूरी पोषक तत्व कम होते हैं।
क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. रेणुका चेतावनी देती हैं कि घर का बना खाना सबसे सुरक्षित ऑप्शन है। फास्ट फूड में फैट, नमक और केमिकल्स बहुत ज्यादा होते हैं। इसे रेगुलर खाने से समय के साथ शरीर को नुकसान हो सकता है। अगर आप बाहर खाते हैं, तो यह कभी-कभी और कम मात्रा में ही होना चाहिए। लगातार घर का बना खाना खाने से कई बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। फास्ट फूड दिल और दिमाग पर असर डाल सकता है। ट्रांस फैट और चीनी याददाश्त और फैसले लेने की क्षमता को खराब कर सकते हैं। लंबे समय तक इसका सेवन करने से डिमेंशिया जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज रिपोर्ट के अनुसार, फास्ट फूड खाने से हर साल दुनिया भर में लगभग 11 मिलियन मौतें होती हैं।
टेपवर्म क्या है?
टेपवर्म ऐसे पैरासाइट होते हैं जो खाने के जरिए शरीर में जा सकते हैं। यह बात अजीब लग सकती है कि सब्जियों में टेपवर्म हो सकते हैं, लेकिन कुछ खास हालात में यह सच है। टेपवर्म के अंडे दूषित मिट्टी, पानी या हैंडलिंग के जरिए पत्तेदार सब्जियों या जड़ वाली सब्जियों तक पहुंच सकते हैं। अगर सब्जियों को ठीक से धोया या पकाया नहीं जाता है, तो यह पैरासाइट खून में जाकर दिमाग तक पहुंच सकता है। इससे न्यूरोसिस्टीसर्कोसिस नाम की एक गंभीर बीमारी हो सकती है, जो दिमाग का इन्फेक्शन है और इससे दौरे, सिरदर्द और जानलेवा दिक्कतें हो सकती हैं।
टेपवर्म शरीर को कैसे प्रभावित करते हैं, और दिमाग में सिस्ट कैसे बना सकते हैं?
जब टेपवर्म के अंडे या लार्वा शरीर में जाते हैं, तो वे शुरू में आंतों में बढ़ते हैं. कभी-कभी, वे खून के जरिए दिमाग तक पहुंच जाते हैं। वहां वे सिस्ट बनाते हैं, जिससे सिरदर्द, उल्टी, चक्कर आना, दौरे और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो सकती हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फास्ट फूड में इस्तेमाल होने वाली पत्तागोभी में पैरासाइट या इन्फेक्शन हो सकते हैं जो इन ब्रेन सिस्ट का कारण बन सकते हैं। पत्तागोभी जैसी सब्जियों का सेवन सावधानी से करना चाहिए। पत्तागोभी और फूलगोभी को कच्चा खाने पर हाई-रिस्क माना जाता है। इनकी घनी परतों में टेपवर्म के अंडे छिपे हो सकते हैं, जिन्हें रेगुलर धोने और पकाने से आसानी से खत्म नहीं किया जा सकता और जिनसे न्यूरोसिस्टीसर्कोसिस हो सकता है। ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज रिपोर्ट के अनुसार, फास्ट फूड खाने से हर साल दुनिया भर में 11 मिलियन लोगों की मौत होती है।
पत्तागोभी और दूसरी हरी सब्जियां सुरक्षित रूप से कैसे खाएं
क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. रेणुका कहती हैं कि पत्तागोभी, फूलगोभी और दूसरी पत्तेदार हरी सब्जियां खाते समय सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि टेपवर्म आंतों की परत को पार करके दिमाग तक पहुंच सकते हैं, जिससे सूजन, सिरदर्द और ब्रेन फॉग हो सकता है।
- सब्जियों को अच्छी तरह धोना चाहिए। किसी भी छिपे हुए कीड़े को मारने के लिए पत्तागोभी या फूलगोभी को कम से कम 5 मिनट तक उबालना चाहिए।
- पत्तेदार हरी सब्जियों को छूने से पहले और बाद में अपने हाथों को गर्म पानी और साबुन से कम से कम 20 सेकंड तक अच्छी तरह धोएं।
- पत्तेदार हरी सब्जियों के बाहरी पत्ते हटा देने चाहिए।
- पत्तेदार हरी सब्जियों को ताजे, ठंडे बहते पानी के नीचे भी धोया जा सकता है। इन्हें धोने के लिए पानी के अलावा किसी और चीज की जरूरत नहीं होती।
- पत्तेदार हरी सब्जियों को तब तक धोते रहें जब तक सारी गंदगी निकल न जाए।
- इन सब्जियों को पानी से भरे सिंक में धोने से बचें। इससे सिंक में मौजूद बैक्टीरिया से वे दूषित हो सकती हैं।
याद रखें, बिना सही साफ-सफाई के बाहर बना खाना खतरनाक हो सकता है। दूषित फास्ट फूड खाने से जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं।
माता-पिता और छात्रों के लिए डॉ. रेणुका की क्या सलाह है?
- घर का बना, संतुलित खाना खाएं।
- फास्ट फूड, मीठे ड्रिंक्स और पैकेट वाले स्नैक्स कम खाएं।
- फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दूध, दालें और मेवे खाने के लिए इनकरेज करें।
- खाने का समय नियमित रखें।
- हाथ धोने और खाने की साफ-सफाई का ध्यान रखें।
- शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त नींद को बढ़ावा दें।
- बच्चों को खुद से हेल्दी खाने की चीजें चुनना सिखाएं।
- घर पर बनी रोटी पिज्जा, चने या अंकुरित अनाज से बने कटलेट, तरह-तरह के पराठे खाने में स्वाद और पोषण का ट्विस्ट दे सकते हैं।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
