
दिल के दौरे के संकेत और लक्षण दिखाई दें तो सतर्क हो जाएं और तुरंत ही उपचार करें Publish Date : 28/12/2025
दिल के दौरे के संकेत और लक्षण दिखाई दें तो सतर्क हो जाएं और तुरंत ही उपचार करें
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
तीव्र मायोकार्डियल इन्फक्शन (MI) मृत्यु के प्रमुख करणो में से एक है जो दुनिया भर में लगभग 30 लाख लोगों को प्रभावित करता है। दिल का दौरा आना एक डरावनी स्थिति हो सकती है, लेकिन इसके लक्षणों को पहचानना और सही समय पर प्रतिक्रिया देना जीवन बचा सकता है। दिल का दौरा तब होता है जब हृदय की किसी धमनियों में रक्त का थक्का अचानक अवरोध पैदा कर देता है जिससे हृदय की मांसपेशियों तक रक्त प्रवाह बंद हो जाता है। कुछ ही मिनट में प्रभावित हृदय मांसपेशी करने लगते हैं जिसे मयोगार्डियल इंफ्राक्शरन कहा जाता है है।
यदि समय पर उपचार न मिले तो अधिक क्षति होती है और जो हृदय मांसपेशियों पर तक जाती हैं वह दोबारा नहीं बन सकती या ठीक नहीं हो सकती है।
मायोकार्डियल इंफ्राक्शरन (Myocardial Infarction-MI), जिसे आमतौर पर दिल का दौरा (Heart Attack) कहते हैं, एक मेडिकल इमरजेंसी है, जहाँ हृदय की मांसपेशियों (मायोकार्डियम) को रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक जाती है, जिससे ऊतक मरने लगते हैं और इसके लिए तुरंत आपातकालीन चिकित्सा (जैसे तुरंत emergency services कॉल करना) की ज़रूरत होती है ताकि हृदय को स्थायी नुकसान और मृत्यु से बचाया जा सके। इसके लक्षणों में सीने में दर्द, पसीना, सांस फूलना शामिल हैं और उपचार में स्टेंट लगाना या थक्का-रोधी दवाएं देना शामिल है।
मायोकार्डियल इन्फार्क्शन क्या है?

यह तब होता है जब हृदय को खून पहुँचाने वाली धमनी (कोरोनरी आर्टरी) में रुकावट आ जाती है, जिससे हृदय की मांसपेशियों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और वे क्षतिग्रस्त हो जाती हैं या मर जाती हैं।
इसे तीव्र कोरोनरी सिंड्रोम (Acute Coronary Syndrome- ACS) का एक प्रकार माना जाता है, जिसमें अस्थिर एनजाइना (Unstable Angina) भी शामिल है।
मुख्य लक्षण (Symptoms)
सीने में दर्द/दबाव: छाती के बीच में भारीपन या दबाव महसूस होना, जो गर्दन, जबड़े, कंधे या बांहों तक फैल सकता है।
- सांस फूलना (Shortness of breath)।
- पसीना आना (Sweating)।
- चिंता (Anxiety)।
- थकान (Fatigue)।
- मतली या उल्टी (Nausea or Vomiting)।
- फ्लू जैसे लक्षण: खासकर महिलाओं में।
कारण (Causes)
- कोरोनरी धमनी रोग (Coronary Artery Disease- CAD): धमनियों में प्लाक जमने से उनका संकुचित होना मुख्य कारण है।
- रक्त का थक्का (Blood Clot): प्लाक टूटने से बने थक्के से धमनी पूरी तरह बंद हो सकती है।
उपचार (Treatment)

तत्काल आपातकालीन देखभाल: emergency services (या स्थानीय आपातकालीन नंबर) पर कॉल करना।
रक्त प्रवाह बहाल करना (Reperfusion)
एंजियोप्लास्टी और स्टेंटिंग (Angioplasty & Stenting): धमनी को खोलने के लिए गुब्बारा फुलाया जाता है और स्टेंट लगाया जाता है।
थक्का-रोधी दवाएं (Thrombolytics): थक्के को घोलने वाली दवाएं दी जाती हैं।
कोरोनरी बाईपास सर्जरी (CABG): गंभीर मामलों में, शरीर के दूसरे हिस्से से ग्राफ्ट लगाकर नया रास्ता बनाया जाता है.
निदान (Diagnosis)
लक्षणों का इतिहास और शारीरिक जांच.
ECG (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम): ST-सेगमेंट परिवर्तन देखना।
रक्त परीक्षण (Blood Tests): कार्डियक ट्रोपोनिन जैसे बायोमार्कर की जाँच।
इकोकार्डियोग्राफी (Echocardiography)।
ध्यान रखें कि दिल का दौरा एक मेडिकल इमरजेंसी है और लक्षणों का अनुभव होने पर तुरंत डॉक्टरी मदद लेना जान बचाने के लिए महत्वपूर्ण है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
