केले का आकार कम रहने पर करने योग्य कुछ उपाय      Publish Date : 23/04/2026

केले का आकार कम रहने पर करने योग्य कुछ उपाय

                                                                                प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 रेशु चौधरी

केले का आकार (Size) कम रहने के पीछे मुख्य कारण पोषण की कमी, पानी का असंतुलन या गलत प्रबंधन आदि कुछ भी हो सकता है। फलों का आकार, वजन और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आप निम्नलिखित उपाय अपना सकते हैं:-

उचित पोषण और खादः केले के पौधे को भारी मात्रा में पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। अतः मिट्टी में पोटेशियम (Potash) की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करें, क्योंकि यह फलों के आकार और वजन को सीधे रूप से प्रभावित करता है।

ग्रोथ प्रमोटर का उपयोगः बनाना स्पेशल (जैसे ऑक्सिन, साइटोकाइनिन, विटामिन B1 और B2 का मिश्रण) का उपयोग करें। यह फलों का आकार और रंग सुधारने में बहुत सहायक होता है।

नियमित सिंचाईः फल आने के बाद मिट्टी में नमी बनाए रखना आवश्यक है। सप्ताह में कम से कम एक बार या गर्म मौसम में अधिक बार पानी दें ताकि फलों का विकास न रुके।

नर फूल (Male Bud) को हटानाः फल आने के बाद, जब केले के गुच्छे के नीचे का नर फूल (Male Bud) विकास करना बंद कर दे, तो उसे हटा दें। इससे पौधे की ऊर्जा फल को बड़ा करने में लगती है।

पोषण का सही प्रबंधन (Stages):

                              

शुरुआती स्टेजः जड़ों और पौधे के विकास के लिए खाद दें।

फूल आने की स्टेजः तना विकास और फूल बनने के लिए सही पोषण दें।

फल बनने की स्टेजः फल विकास और बेहतर गुणवत्ता (लंबाई/मोटाई) के लिए पोटेशियम का उपयोग करें।

जल निकासीः यदि मिट्टी में पानी जमा रहता है, तो केले के पौधों की जड़ें खराब हो सकती हैं, जिससे फलों का आकार छोटा रह जाता है और इससे किसान को आर्थिक हानि का समाना करना पड़ता है । अतः केले की फसल से उत्तम जल निकासी प्रबन्धन करना सुनिश्चित करें।

नोटः केले के पौधे में फल निकलने के बाद, आप उन्हें और ज्यादा बड़ा नहीं कर सकते। इसलिए यह उपाय फल आने से पहले या फल बनने की शुरुआती अवस्था में करने चाहिए।

केले के आकार को बढ़ाने का गांव का देसी उपाय (पारंपरिक तरीका) कुछ किसान केले के पौधे के पास गोमूत्र और नीम का घोल डालते हैं। इससे केले का तना मोटा और पौधा स्वस्थ बना रहता है।

निष्कर्षः अगर आप सही किस्म, अच्छी खाद, और सही सिंचाई का ध्यान रखते हैं, तो केले का तना मजबूत और बड़ा बनेगा, जिससे फल की गुणवत्ता और मात्रा दोनों ही पर्याप्त रूप से बढ़ेंगी।

पोटेशियम और मैंगनीज से फलों का आकार बढ़ानाः फल भरने की प्रक्रिया के दौरान पौधे बहुत अधिक पोटेशियम का उपयोग करते हैं। पौधों में पोटेशियम की एक भूमिका मुख्य रूप से कोशिकाओं को फैलाने की होती है। इस प्रक्रिया के दौरान, अधिकांश मिट्टी में पौधे के लिए पर्याप्त पोटेशियम उपलब्ध नहीं होता है, जिसके चलते फलों का आकार छोटा रहा जाता है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।