
गन्ने की पौधे तैयार करने में बनाया रिकॉर्ड Publish Date : 15/01/2026
गन्ने की पौधे तैयार करने में बनाया रिकॉर्ड
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
हिसार के किसान जगबीर संधू ने गन्ने के पौधे तैयार करने की ऐसी तकनीक विकसित की है, जिससे उत्पादन कई गुना बढ़ सकता है। उनको सफलता को लिम्का बुक में दर्ज किया गया है।
जगबीर संधू के पास गन्ना की जो वैरायटी थी उसे पैज्ञानिकों ने वावरस से ग्रस्त और बेकार बताकर नकार दिया था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। जर्मिनेशन और विशेष पॉलीहाउस तकनीक के जरिये उन्होंने पौधों की स्वस्थ बनाया और धीरे-धीरे उत्पादकता बढाई।
2 हजार बड से 10 लाख पौधे

जगबीर ने बताया कि उन्होंने ऐसी तकनीक विकसित की है. जिससे दी हजार बंड से 10 लाख पौधे तैयार करने में सफलता मिली है। इस उवानीक को हरियाणा कृषि दिदि (हिसार) में भी मान्यता दी है। इसमें 75 दिन में मदर शूट से 5-6 नए पौधे तैयार होते हैं। निचली पतियां सावध्वनी से हटाने के बाद पौधे धूप और हया के संपर्क में आते हैं और स्वाभाविक रूप से विकसित होते हैं। इन पौधों को खेत में तय दिया जाता है। यह प्रक्रिया हर दोहराई जाती रहती है। उनकी सफलता की लिम्का बुक ऑपा रिकॉइनसे में भी दर्ज किया गया है।
लागत कम् उत्पादन ज्यादा
जगबीर बताते है, यह तकनीक न केवल उत्पादकता बढ़ाती है, बल्कि किसानों को महगे बीजों के खर्च से भी बचाती है। इससे एक एकड़ में पारंपरिक बीजों के खर्च के मुकाबले 35.000 रुपये की बचत हो सकती है। उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण ने यह दिखाया है कि सही समय, धैर्य और नई तकनीक अपनाने से किसान उपज और आय बढ़ा सकते हैं। आज जगबीर संधू सिर्फ हिसार ही नहीं, बल्कि पूरे देश के किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
