
मूत्राशय की पथरी के उपचार के लिए प्रभावी होम्योपैथिक उपचार Publish Date : 27/09/2026
मूत्राशय की पथरी के उपचार के लिए प्रभावी होम्योपैथिक उपचार
डॉ0 राजीव सिंह एवं मुकेश शर्मा
मूत्राशय की पथरी (गुर्दे की पथरी) के उपचार के लिए होम्योपैथिक में कई औषधियों को उपयोग की किया जाती हैं, जो कि मूत्राशय की पथरी (ब्लैडर स्टोन्स) के लिए उपयोग की जाती हैं। होम्योपैथिक डॉक्टरों के अनुसार, होम्योपैथिक दवाएं पथरी के दर्द को कम करने के लिए उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़-फोड़ कर और उनका नियमित रूप से पानी में मिलाकर सेवन करने से पथरी बनाने की प्रवृत्ति को रोकने में मदद प्राप्त की जा सकती है।
हालाँकि, मूत्राशय की पथरी के लिए किसी भी होम्योपैथिक डॉक्टर से परामर्श करना और अल्ट्रासाउंड (यूएसजी) से पहले कोई भी दवा लेना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि सही दवा चयन पथरी के आकार, स्थान और आपके व्यक्तिगत नुस्खे आधार पर ही आधारित होता है।
गुर्दे की पथरी के लिए मुख्य होम्योपैथिक दवाएँ और उनके लक्षण
दवा का नाम मुख्य लक्षण/कब दिया जाता है?
बर्बेरिस वाल्गेरिस (बर्बेरिस वल्गेरिस Q/मदर टिंचर): पथरी के लिए सबसे प्रसिद्ध एवं प्रमुख होम्योपैथिक औषधि है।
- पथरी के रोगी को जब दर्द पेट या कमर से शुरू होता है तो पेट और मूत्रमार्ग की दिशा आगे बढ़ता जाता है।
- पेशाब में तेज़पन और जलन का होना।
सारसापैरिला (सरसापैरिला 30C/Q): जब पेशाब होता है तो नहीं रहता है, परन्तु पेशाब का (अंत होने पर असहनीय और तेज़ दर्द होता है।
- पेशाब की धार बहुत भरी हुई दिखाई देती है और पेशाब में सफेद या रेतीले कण भी दिखाई दे सकते हैं।
कैंथरिस (कैंथरिस 30सी): जब मूत्राशय में तेज सूजन हो और पेशाब हो तो पेशाब करते समय या उससे पहले अत्यधिक तीव्र जलन होती है।
- बार-बार पेशाब करने की इच्छा होना लेकिन पेशाब बूंद-बूंद करके आता है।
- पेशाब में खून का आना।
लाइकोपोडियम (लाइकोपोडियम 30C/200C): यदि कुल पिछली तरफ (दाहिनी ओर) के यूरिनरी Infection में होता है।
- मरीज को गैस, पेट फूलना और दोपहर या शाम के समय लक्षण बढ़ने की शिकायत हो।
हाइड्रेंजिया (हाइड्रेंजिया आर्बारेसेंस क्यू): होम्योपथी की इस दवा को ‘स्टोन ब्रेकर’ भी कहा जाता है, जो मूत्राशय और किडनी की पथरी को गलाने/तोड़ने में मदद करती है।
- जब पेशाब में वॉल्यूम या सफेद रेत जैसा तलछट जमा होता है।
ऑसीमम कैनम (Ocimum Can. Q/30C): जब पथरी के दर्द के साथ अत्यधिक उल्टी या मतली (जी मिचलाना) की शिकायत भी मरीज को रहती है।
- पेशाब से बहुत तेज़ और वांछित गंध आती हो।
बेंज़ोइक एसिडः
- यह होम्योपैथिक दवा तब दी जाती है जब रोगी को गुर्दे की सूजन के साथ दुर्गंधयुक्त मूत्र की समस्या हो। इस दवा के रोगी का मूत्र का रंग गहरा लाल होता है और उसमें तेज दुर्गंध आती है। यह सड़े हुए जैसा भी लग सकता है, साथ ही रोगी का मूत्र गाढ़ा और पानी की तरह साफ होता है।
अर्जेंटम नाइट्रिक एसिडः
अर्जेन्टम नाइट होम्योपैथी उपचार
यह दवा गुर्दे में जमाव के कारण होने वाले गुर्दे के दर्द में राहत प्रदान करने के लिए प्रयोग की जाती है। रोगी को मूत्राशय के पिछले हिस्से में हल्का दर्द महसूस हो सकता है और उसका पेशाब भी गहरे रंग का हो सकता है, जिसमें खून और यूरिक एसिड की मात्रा हो उपलब्ध सकती है। इस दवा के रोगी को पेशाब बहुत कम मात्रा में आता है जो कि लगभग बूंद-बूंद करके ही आता है।
इस दवा के रोगी का चेहरा सूख जाता है और काला पड़ जाता है। रोगी को पेशाब करते समय तीव्र जलन महसूस होती है और इसके साथ ही रोगी को अपने मूत्रमार्ग में सूजन का आभास भी होता है।
बेलाडोनाः
बेलाडोना होम्योपैथी का एक ऐसा उपचार है जो गुर्दे की पथरी होने पर और तेज दर्द होने पर इस होम्योपैथिक दवा का उपयोग किया जाता है। पेशाब करते समय मूत्रवाहिनी में अचानक ऐंठन और खिंचाव होना भी इस दवा का एक आम लक्षण है। साथ ही दस दवा के रोगी को उत्तेजना और बुखार भी महसूस हो सकता है।
पथरी के उपचार के दौरान कुछ जरूरी सावधानियां
स्वयं से औषधि न लें (कोई स्व-दवा नहीं): होम्योपैथी उपचार के दौरान रोगी के मानसिक और शारीरिक स्वभाव (संवैधानिक प्रकार) को देखकर उसके लिए सर्वश्रेष्ठ औषधि तय की जाती है, इसलिए खुद से दवा खरीदकर न लें।
1. पानी की मात्राः तरल पदार्थ में कम से कम 3 से 4 किलोलीटर पानी या तरल पदार्थ होते हैं, जिससे मूत्र में लवण रहते हैं और पथरी आसानी से बाहर निकल जाती है।
2. सहयोगी उपचारः टमाटर, पालक, नट, चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक और बहुत अधिक नमक या कैफीन वाली शराब आदि से रोगी को परहेज करना चाहिए।
आपातकालीन स्थिति (मेडिकल इमरजेंसी) कब?
यदि आपको निम्नलिखित में से कोई भी लक्षण महसूस हो, तो होम्योपैथिक के बारे में बताएं और तुरंत किसी यूरोलॉजिस्ट (यूरोलॉजिस्ट) या अस्पताल से संपर्क करें-
- अचानक से पेशाब आना पूरी तरह से बंद हो जाना (मूत्र रुकावट)।
- पेशाब में बहुत खून आना।
- असहनीय, तेज दर्द होना जो दवाओं से ठीक नहीं हो रहा हो।
- दर्द के साथ तेज बुखार, ठंड लगना या लगातार उल्टी होना (जो संक्रमण का संकेत है)।
नोटः बड़ी पथरी लेजर (मुख्य रूप से 8-10 मिमी से बड़ी) या पूरी तरह से आउट ब्लॉक करने वाली पथरी के मामलों में आधुनिक चिकित्सा या सर्जरी (जैसे लिथोट्रिप्सी या) की आपातकालीन आवश्यकता हो सकती है।
लेखक: मुकेश शर्मा होम्योपैथी के एक अच्छे जानकार हैं जो पिछले लगभग 25 वर्षों से इस क्षेत्र में कार्य कर रहे हे। होम्योपैथी के उपचार के दौरान रोग के कारणों को दूर कर रोगी को ठीक किया जाता है। इसलिए होम्योपैथी में प्रत्येक रोगी की दवाए, दवा की पोटेंसी तथा उसकी डोज आदि का निर्धारण रोगी की शारीरिक और उसकी मानसिक अवस्था के अनुसार अलग-अलग होती है। अतः बिना किसी होम्योपैथी के एक्सपर्ट की सलाह के बिना किसी भी दवा सेवन कदापि न करें। अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी एवं उपचार के लिए फोन नं0 9897702775 पर सम्पर्क करें।
डिसक्लेमरः प्रस्तुत लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के अपने विचार हैं।