
पेट की चर्बी और मोटापे को कम करने में सहायक होम्योपैथिक रेमेडीज Publish Date : 30/04/2026
पेट की चर्बी और मोटापे को कम करने में सहायक होम्योपैथिक रेमेडीज
डॉ0 राजीव सिंह एवं मुकेश शर्मा
मोटापा या फिर वजन को कम करने के लिए हर हेल्थ और फिटनेस एक्सपर्ट्स द्वारा एक्सरसाइज, हेल्दी डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाने की सलाह दी जाती है। वही कुछ लोग ऐस भी होते है जो घरेलू नुस्खे और कुछ दवाओं के सेवन से अपने वजन को कम करने की कोशिश करते है। इसी तरह से पेट के मोटापे और चर्बी को कम करने के लिए कुछ होम्योपैथिक दवाओं का उपयोग किया जाता है। फैट को कम करने के लिए कई तरह की होम्योपैथिक दवाएं उपलब्ध है। अगर आप पेट के मोटापे और चर्बी को कम करना चाहते है तो इसके लिए आप एलोपैथी के बजाए होम्योपैथी दवाओं का चुनाव कर सकते है, क्योंकि होम्योपैथिक दवा को बाकी दवाओं की तुलना में सबसे सुरक्षित माना जाता है।
डॉक्टर राजीव सिंह का कहना है कि पेट के मोटापे और चर्बी को कम करने के लिए कोई भी व्यक्ति होम्योपैथिक दवाओं का सेवन कर सकता है, क्योंकि होम्योपैथी एकमात्र ऐसी दवा है, जिससे शरीर पर किसी भी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। इसलिए निसंकोच होकर कोई भी व्यक्ति पेट के मोटापे और चर्बी को कम करने के लिए इन दवाओं का सेवन कर सकता है। लेकिन बिना किसी होम्योपैथिक डॉक्टर के सुझाव के किसी भी प्रकार की दवाओं का सेवन करना सेहत के लिए हानिकारक भी हो सकता है। इसलिए उनकी सलाह यही है की सबसे पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करें और उनकी द्वारा निर्धारित दवाओं का ही सेवन करें।

होम्योपैथी दवाओं के कुछ नियम
यदि आप अपने पेट के मोटापे और चर्बी को कम करना होम्योपैथिक दवाओं का सेवन करना चाहते है तो इसके लिए नियम होते है, जिनका अनुसरण करना बेहद ज़रूरी होता है। डॉ0 राजीव सिंह का मानना है की पेट की चर्भी को कम करने के लिए होमियोपैथी दवाएं तभी काम करती है, जब उन दवाओं को सेवन करने वाला व्यक्ति कुछ ज़रूरी परहेजों का पालन करता है।
एक होम्योपैथिक डॉक्टर सबसे पहले मरीज़ के मेडिकल इतिहास को देखता है कि कहीं किसी चीज़ से उस मरीज़ को एलर्जी या फिर किसी भी तरह की कोई परेशानी तो नहीं, इसके बाद ही वह पेट के मोटापे और चर्बी को कम करने के लिए होम्योपैथिक इलाज की प्रक्रिया को शुरू करता है। वजन को कम करने के लिए होम्योपैथिक दवाओं के उपयोग के साथ-साथ खाने में वसा के उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
मोटापा कम करने के लिए कुछ होम्योपैथिक दवाएं

आज कह हमारी इस पोस्ट में कुछ होम्योपैथिक दवाओं के नाम दिए गए है, जिनका सेवन करने से पेट के मोटापे और चर्बी को तेज़ी से कम किया जा सकता है। लेकिन इन दवाओं का सेवन करने से पहले एक बार होम्योपैथी के डॉक्टर से ज़रूर परामर्श कर लें, क्योंकि डॉक्टर स्थिति की सही तरीके से जाँच-पड़ताल करने के बाद ही आपके लिए दवाएं निर्धारित करते है।
इस समस्या के लिए कुछ होम्योपैथिक दवाएं इस प्रकार से हो सकती हैं:-
1. लाइकोपोडियम
यह उन लोगों के लिए निर्धारित है जिनके शरीर के निचले हिस्से, मुख्य रूप से जांघों और नितंबों में अतिरिक्त वजन बढ़ जाता है। भोजन से अधिक खाना इसका एक कारण हो सकता है। अक्सर लोगों में अवसाद, अतिरिक्त मिठाइयों की लालसा, कब्ज और फूला हुआ पेट जैसे लक्षण पाए जाते हैं
2. कैल्केरिया कार्बोनिका
यह उन लोगों को सलाह दी जाती है जिनका चयापचय में कमी के कारण अधिक वजन बढ़ जाता है, पेट के क्षेत्र में वसा जमा हो जाती है। यह दवा पेट क्षेत्र से वसा जमा को कम करती है। चयापचय की कमी के कारण कब्ज और ठंड के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता जैसे लक्षण आम हैं
3. फाइटोलैक्का
यह वजन घटाने के लिए मानक होम्योपैथी दवाओं में से एक है। यह उन लोगों को सलाह दी जा सकती है जिनकी ग्रंथियां सूजी हुई पाई जाती हैं, कान का दर्द और गले में सूखापन. यह पाचन में सुधार करता है, भूख को स्थिर करता है और चयापचय को नियंत्रित करता है
4. नैट्रम म्यूरिएटिकम
भावनात्मक तनाव भी वजन बढ़ने का एक कारण है। दिल टूटने, दुख और हीनता के कारण अवसाद से गुजर रहे लोगों को यह पता चल सकता है। उनके भूख के पैटर्न असामान्य हैं, भोजन की लालसा, और सिरदर्द। वसा शरीर के निचले हिस्से में जमा होती है, मुख्य रूप से जांघों और नितंबों में।
5. एंटीमोनियम क्रुडम
यह दवा बच्चों और युवाओं को दी जाती है। वजन घटाने के लिए डॉक्टर इस होम्योपैथिक दवा की सलाह देते हैं, जिनमें नमकीन भोजन की लालसा और जीभ पर मोटी सफेद परत जैसे लक्षण पाए जाते हैं।
6. ग्रेफाइट्स
यह मुख्य रूप से महिलाओं के लिए सलाह दी जाती है। कमजोरी, अवसाद और थकान जैसे लक्षण आम हैं।
7. नैट्रम फॉस्फोरिकम
वजन बढ़ने का एक कारण एसिडिटी भी हो सकती है। मुंह में खट्टा स्वाद और डकार आना जैसे लक्षण आम हैं। यह दवा शरीर के पीएच, पाचन और पेट में जलन में सुधार करती है।
8. फुकस वेसिकुलोसस
चिकित्सीय स्थिति थायराइड के कारण भी अधिक वजन हो सकता है। यह दवा थायराइड हार्मोन के स्तर को बनाए रखकर और पाचन में सुधार करके वजन को नियंत्रित करती है
यदि आप में से कोई भी व्यक्ति अपने पेट के मोटापे और चर्बी की समस्या से परेशान है और अनेकों तरह के उपचारों और नुस्खों को अपनाने के बाद भी स्थिति पर किसी भी प्रकार का सुधार नहीं आ रहा है तो इसके निदान के लिए आप नीचे दिए गए नंबर पर परामर्श कर सकते है।

लेखक: मुकेश शर्मा होम्योपैथी के एक अच्छे जानकार हैं जो पिछले लगभग 25 वर्षों से इस क्षेत्र में कार्य कर रहे हे। होम्योपैथी के उपचार के दौरान रोग के कारणों को दूर कर रोगी को ठीक किया जाता है। इसलिए होम्योपैथी में प्रत्येक रोगी की दवाए, दवा की पोटेंसी तथा उसकी डोज आदि का निर्धारण रोगी की शारीरिक और उसकी मानसिक अवस्था के अनुसार अलग-अलग होती है। अतः बिना किसी होम्योपैथी के एक्सपर्ट की सलाह के बिना किसी भी दवा सेवन कदापि न करें। अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी एवं उपचार के लिए फोन नं0 9897702775 पर सम्पर्क करें।
डिसक्लेमरः प्रस्तुत लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के अपने विचार हैं।
