फॉर्मर रजिस्ट्री कराना क्यों है आवश्यक      Publish Date : 07/04/2026

      फॉर्मर रजिस्ट्री कराना क्यों है आवश्यक

                                                                                                                 प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

  • यहाँ प्रमुख कारण दिए गए हैं कि प्रत्येक किसान को फॉर्मर रजिस्ट्री क्यों करानी चाहिए:

1. सभी सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ:

रजिस्ट्री होने के बाद आपको अलग-अलग योजनाओं के लिए बार-बार कागज़ात (खतौनी, आधार आदि) जमा करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। आपकी एक ही 'किसान आईडी' से निम्नलिखित योजनाओं का लाभ मिलेगा:

 * पीएम किसान सम्मान निधि (PM-KISAN): योजना की किस्तें बिना किसी रुकावट के सीधे खाते में आएंगी।

 * पीएम फसल बीमा योजना (PMFBY): फसल खराब होने पर बीमे का क्लेम तेज़ी से और आसानी से पास होगा।

 * कृषि सब्सिडी: खाद, बीज और कृषि उपकरणों (ट्रैक्टर, रोटावेटर आदि) पर मिलने वाली छूट का पैसा सीधे आपके खाते में आएगा।

2. बिचौलियों से मुक्ति और पारदर्शिता:

                                     

रजिस्ट्री के माध्यम से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) की व्यवस्था और मज़बूत होती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि सरकारी पैसा या अनुदान बिना किसी बिचौलिए (Middlemen) के सीधे असली किसान के बैंक खाते में पहुँचता है।

3. आसान और त्वरित कृषि लोन:

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के ज़रिए सस्ती ब्याज दरों पर लोन लेना बहुत आसान हो जाता है। फॉर्मर रजिस्ट्री में आपके आधार और ज़मीन (Land Records) का सत्यापित विवरण पहले से डिजिटल रूप में मौजूद होता है, जिससे बैंकों को लोन पास करने में समय नहीं लगता।

4. प्राकृतिक आपदा में तुरंत मुआवज़ा:

बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि या बेमौसम बरसात से फसल के नुकसान की स्थिति में, पंजीकृत किसानों का सटीक डेटा सरकार के पास होता है। इससे राहत शिविरों और मुआवज़े (Disaster Relief) का वितरण बहुत तेज़ी से किया जा सकता है।

5. एमएसपी (MSP) पर उपज बेचने में आसानी:

सरकारी क्रय केंद्रों और मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी फसल बेचने के लिए यह डिजिटल रिकॉर्ड बहुत काम आता है, जिससे तौल और भुगतान की प्रक्रिया बेहद सुगम हो जाती है।

अगर रजिस्ट्री नहीं कराई तो क्या नुकसान है?

कृषि विभाग के नए नियमों के अनुसार, जो किसान अपनी फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराएंगे, उन्हें भविष्य में पीएम किसान निधि, राशन, खाद-बीज की सब्सिडी और केसीसी जैसी अहम सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जा सकता है। इसलिए इसे जल्द से जल्द कराना अनिवार्य है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।