
गणतंत्र दिवस 26 जनवरी विशेष Publish Date : 26/01/2026
गणतंत्र दिवस 26 जनवरी विशेष
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
- भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है जिसका संविधान 26 जनवरी 1950 को हुआ था लागू।
- भारत का लिखित संविधान भी सबसे विशाल संविधान है- जय हिंद
स्वतंत्र भारत के इतिहास में 26 जनवरी का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1950 में हमारा संविधान लागू किया गया था। इसलिए देश में प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। इस साल भारत 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। संविधान किसी भी देश का सर्वोच्च कानून होता है। संविधान के अनुसार भारत के लोगों में देश को सम्प्रभु गणतांत्रिक, समाजवादी, पंथ निरपेक्ष राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया गया था।
हमारे संविधान की प्रस्तावना भी इसी संकल्प को दर्शाती है क्योंकि इसमें सभी भारतीयों के लिए आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक न्याय की गारंटी दी गई है। हमारा संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान भी है और इसमें 25 भाग 12 अनुसूचियां और 448 अनुच्छेद हैं। मूल संविधान में 395 अनुच्छेद थे, संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद और ड्राफ्टिंग कमेटी प्रारूप समिति के अध्यक्ष बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर थे।
मूल संविधान हाथ से लिखा गयाः लेखक प्रेम बिहारी नारायण रायजादा के द्वारा
जब संविधान सभा ने संविधान का निर्माण कर लिया तो इसको लिखने की बात आई तो देश के प्रथम एवं तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इसके लिए विख्यात सुलेखक ली ग्राफर प्रेम बिहार राज नारायण रायजादा का चुनाव किया, जो दिल्ली में जन्मे और सेंट स्टीफन कॉलेज के स्नातक, प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने मुफ्त में संविधान लिखने का वायदा किया, लेकिन उनकी शर्त यह थी कि संविधान के प्रत्येक पेज पर उनके दस्तक होंगे और आखिरी पेज पर सुलेखक गुरु उनके दादाजी का नाम भी लिखा जाएगा।
रायजादा ने अंग्रेजी के इटैलिक फ्रंट में मूल संविधान लिखा पूरा लेखन उन्होंने निब वाली पेन और दवात वाली स्याही से पूरा संविधान लिखा। इस संविधान लिखने में रायजदा को 6 माह का समय लग गया। इस कार्य में एक कमाल की बात यह थी कि इसमें एक शब्द भी गलत नहीं लिखा गया था। संविधान की मूल प्रति पर भगवान श्री राम, सीता, हनुमान और बुद्ध जैसे धार्मिक शख्सियतों के चित्र भी बने हुए हैं।
गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्वः पूरे देश में शान से फहराया जाता है तिरंगा
जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं कि गणतंत्र दिवस एक राष्ट्रीय पर्व है यह पूरे देश में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। पूरे देश के शैक्षिक संस्थानों, सरकारी, अर्ध सरकारी और कॉर्पोरेट कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फराह कर गणतंत्र दिवस समारोह मनाया जाता है। मुख्य कार्यक्रम देश की राजधानी नई दिल्ली में इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन जाने वाले मार्ग पर आयोजित किया जाता है। पहले इस मार्ग का नाम राजपथ मार्ग हुआ करता था जिसका नाम बदलकर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने अब कर्तव्य पथ रख दिया है। इस कार्यक्रम में देश की विविधता को दर्शाती विभिन्न राज्यों और केंद्र की कई महत्वपूर्ण की सांस्कृतिक झांकियां प्रदर्शित की जाती है। देश भर के स्कूली बच्चे भी अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं। इस दौरान एनसीसी, अर्ध सैनिक बल और सेना के जवान शानदार मार्च करते हैं।
इसके अलावा देश की सुरक्षा के लिए काम करने वाले विभिन्न आयुध और मिसाइल की प्रदर्शनी भी होती है। कार्यक्रम सबसे बड़ा आकर्षण वायु सेवा के जाबाजों के द्वारा हवाई करतब होते हैं। मार्च पास्ट के सलामी मंच के सामने जब जेट विमान तिरंगे रंग का धुआं छोड़ते हैं तो पूरा कर्तव्य पथ अपार जल समूह की करतल ध्वनि से गूंज उठता है। भारत के राष्ट्रपति परेड और मार्च पास्ट की सलामी लेते हैं।
77 वे गणतंत्र दिवस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी को दी हार्दिक शुभकामनाएं

आत्मनिर्भर स्वावलंबी सशक्त और समृद्ध उत्तर प्रदेश निर्माण की ध्येय यात्रा सतत प्रवाहमान है। प्रदेश वर्ष 2047 तक विकसित प्रदेश बनने की दिशा में अग्रसर है। इस संकल्प की सिद्धि में उत्तर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक का सराहनीय योगदान भी समर्पित है। इस अभूतपूर्व विकास यात्रा के प्रतीक उत्तर प्रदेश के 25 करोड़ नागरिक, विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य की ओर दायित्व बोध के साथ प्राण प्रण से प्रतिबद्व हैं। उत्तर प्रदेश वासियों को 77 वे गणतंत्र दिवस की हृदय से बधाई और शुभकामनाएं।
- योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
