स्टार्टअप के लिए पैसे की कमी नहीं आएगी आड़े      Publish Date : 08/12/2025

               स्टार्टअप के लिए पैसे की कमी नहीं आएगी आड़े

                                                                                                                                                                             प्रोफेसर आर. एस.सेंगर एवं अन्य

  • अंतरिक्ष क्षेत्र में चयनित स्व-उद्यमों को सीड फंड योजना के अन्तगर्त एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मिल सकती है।

अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में लगातार मिल रही सफलताओं से उत्साहित भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) ने भारतीय स्पेस स्टार्टअप को प्रोत्साहित देने के लिए आईएन-स्पेस सीड फंड योजना का शुभारंभ किया है, जिसके तहत अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में दिलचस्पी रखने वाले पेशेवरों को स्पेस स्टार्टअप के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना पेशेवरों के लिए स्पेस स्टार्टअप के साथ-साथ भारतीय अंतरिक्ष जगत के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। इस योजना के तहत अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में दिलचस्पी रखने वाले पेशेवर अपनी रचनात्मकता को प्रस्तुत करते हुए स्पेस स्टार्टअप को एक नई पहचान दिला सकते हैं।

क्या है इन-स्पेस सीड फंड योजना?

                                                                     

यह योजना स्पेस स्टार्टअप के क्षेत्र में नए विचार रखने वाले पेशेवरों के लिए आरंभ की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारत में स्थानीय स्टार्टअप द्वारा स्पेस टेक्नोलॉजी का प्रचार करना, अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नई तकनीक के विकास को सुविधाजनक बनाना, स्पेस स्टार्टअप के साथ जुड़ने के लिए नई रूपरेखा तैयार करना एवं अंतरिक्ष जगत में तकनीकी सहयोग की सांस्कृतिक को बढ़ावा देना है।

किसके लिए है यह योजना

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार को बढ़ावा देने वाले पेशेवर ही इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। पेशेवरों के पास अपने उत्पादों को तकनीकी मदद से नया रूप देने का हुनर होना चाहिए। अपने उत्पाद या सेवा की मदद से स्टार्टअप को बाजार तक विकसित करने के लिए नए बिजनेस आइडियाज का होना अनिवार्य है। इसके अलावा यदि आपके प्रोडक्ट्स में व्यावसायीकरण की क्षमता एवं स्केलिंग करने के गुण हैं, तो आप भी इस योजना के लिए पात्र हैं।

कितनी मिलेगी धनराशि

इस योजना के अंतर्गत केवल उन्हीं पेशेवरों का चयन किया जाएगा, जिनके पास अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी मौजूदा आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता होगी। चयनित पेशेवरों को तीन किस्तों में माइलस्टोन के आधार पर एक करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी। बता दें, पेशेवरों द्वारा स्पेस स्टार्टअप के लिए दी जाने वाली धनराशि का उपयोग प्राप्त की गई तारीख से तीन साल की अवधि के अंदर करना अनिवार्य है।

कैसे करें इसके लिए आवेदन

अगर आप अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अपने नवाचारों से स्पेस स्टार्टअप की दुनिया में बदलाव लाने का हुनर रखते हैं, तो इच्छुक आवेदक के तौर पर इन-स्पेस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।