
गाजर की खेती करने की वैज्ञानिक विधि Publish Date : 07/12/2025
गाजर की खेती करने की वैज्ञानिक विधि
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 शालिनी गुप्ता
1. उपयुक्त जलवायु (Climate):
गाजर एक ठंडी और शुष्क जलवायु वाली फसल है।
तापमान: गाजर की खेती के लिए 15°C–25°C तापमान को सर्वोत्तम माना जाता है। इसके साथ ही अत्यधिक गर्मी में गाजर की जड़ें टेढ़ी-मेढ़ी व कठोर बनती हैं।
2. मिट्टी (Soil Requirement):
गाजर की खेती के लिए हल्की, भुरभुरी, दोमट या बलुई दोमट मिट्टी आदर्श रहती है, जिसका pH: 6.0–7.0 हो, उत्तम रहती है। इसके साथ ही मिट्टी में कंकड़-पत्थर नहीं होने चाहिए अन्यथा गाजर फट जाती है। खेत की अच्छी गहरी जुताई करना बहुत जरूरी है, क्योंकि गाजर लम्बी जड़ वाली फसल है।
3. उन्नत किस्में (Improved Varieties)

पुसा रुधिरा, पुसा केसर, नांदेड़ गाजर, पुसा मेघाली, पुसा युमुना जबकि नांतेस (Nantes) — बाजार में सबसे लोकप्रिय गाजर की किस्मों में से है।
4. खेत की तैयारी (Field Preparation):
- 2–3 गहरी जुताई कर मिट्टी भुरभुरी बनाएं।
- अंतिम जुताई में गोबर की सड़ी खाद 20–25 टन/हेक्टेयर डालें।
- क्यारियाँ (beds) बनाकर हल्की सिंचाई करें।
5. बीज और बुवाई (Seed & Sowing):
बीज दर: 4–6 किग्रा/हेक्टेयर
बुवाई समय:
उत्तर भारत: अक्टूबर–दिसंबर
मध्य भारत: सितंबर–नवंबर
दक्षिण भारत: अगस्त–नवंबर
कतार से कतार दूरी: 45–60 से.मी.
पौधे से पौधे दूरी: 5–7 से.मी. बुवाई 1–1.5 से.मी. गहराई तक करें।
6. पौध प्रबंधन (Crop Management):
पतलाई (Thinning): 15–20 दिन बाद पौधों के बीच उचित दूरी रखें।
निराई-गुड़ाई: खरपतवार नियंत्रण हेतु 20–25 दिन बाद पहली निराई।
सिंचाई:
- पहली सिंचाई: बुवाई के तुरंत बाद।
- बाद में 7–10 दिन के अंतर पर हल्की सिंचाई।
- पानी अधिक होने पर जड़ें फटती हैं।
7. पोषण प्रबंधन (Fertilizer Management):
प्रति हेक्टेयर अनुशंसित मात्रा:
NPK: 60:40:40 किग्रा/हेक्टेयर
- पूरा P और K + आधा N बुवाई से पहले दें।
- शेष आधा N 30–35 दिन बाद टॉप ड्रेसिंग करें।
8. कीट एवं रोग प्रबंधन (Pest & Disease Management):
प्रमुख कीट:
गाजर मक्खी
नियंत्रण: नीम आधारित कीटनाशक या फेरोमोन ट्रैप।
थ्रिप्स
नियंत्रण: सुरक्षित कीटनाशक का छिड़काव करें।
प्रमुख रोग:
अल्टरनेरिया ब्लाइट
रोकथाम: बीज उपचार + आवश्यकतानुसार फफूंदनाशी छिड़काव करें।
पत्ती धब्बा रोग:
नियंत्रण: तांबे आधारित दवाएँ उपयोग करें।
9. कटाई और उपज (Harvest & Yield):

कटाई समय: 80–120 दिन किस्म के अनुसार, जब गाजर का रंग गहरा और आकार सही दिखे, तब गाजर को जमीन से उखाड़ना चाहिए।
औसत उपज: गाजर की औसत उपज 250–350 क्विंटल/हेक्टेयर तक हो सकती है। गाजर को धोकर ग्रेडिंग करने से बाजार में बेहतर दाम मिलता है।
10. भंडारण (Storage): साफ पानी से धोकर छाया में सुखाएं।
0–10°C तापमान पर 2–3 महीने तक सुरक्षित रख सकते हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
