
अक्टूबर-नवंबर यह सब्जियां उगाने से होगा किसानों को बेहतर लाभ Publish Date : 29/09/2025
अक्टूबर-नवंबर यह सब्जियां उगाने से होगा किसानों को बेहतर लाभ
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं गरिमा शर्मा
कृषि वैज्ञानिकों बताया कि अक्टूबर-नवंबर के महीने में बोई गई सब्जियों की गुणवत्ता और उनका उत्पादन बेहतर होता है। अतः किसान सहफसली पद्धति को अपनाकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं, वहीं शहरी परिवार भी अपने किचन गार्डन से ताजी और सुरक्षित सब्जियां उगा सकते हैं।
अक्टूबर और नवंबर का महीना सब्जियों की खेती के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस दौरान बोई गई सब्जियां सर्द मौसम में तेजी से बढ़ती हैं और बाजार में भी ऊंचे दाम पर बिकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसान और शहरी बागवान यदि इस मौसम की सही तकनीक अपनाएं तो वह अपनी फसल की पैदावार और मुनाफा दोनों को दोगुना कर सकते हैं। ऐसे में आज हमारे विशेषज्ञ आपको बता रहें हैं ऐसी कुछ सब्जियों के बारे में जिन्हें किसान खेतों में उगाकर अच्छी आमदनी अर्जित कर सकते है।
कौन सी हैं यह सब्जियां?

इस सीजन में किसान टमाटर, शिमला मिर्च, बैंगन, खीरा, लौकी, तोरी, मेथी, पालक, मूली, गाजर, मटर, शलजम, गोभी, फूलगोभी, बंद गोभी, चुकंदर, सरसों, धनिया, हरी मिर्च, करेला, परवल, टिंडा, भिंडी और चुकंदर आदि के पत्ते जैसी कुछ सब्जियां आसानी से उगा सकते हैं।
टमाटर (Tomato)
अक्टूबर-नवंबर का महीना टमाटर की पौध तैयार करने के लिए सबसे उत्तम समय माना जाता है। इसे क्यारी या ट्रे में बीज बोकर पौध तैयार कर सकते हैं और 25-30 दिन के बाद खेत/गमले में इस पौध की रोपाई की जा सकती है।
बीज की गहराईः 0.5 से 1 सेमी. तक।
बीज की दूरीः 45×60 सेमी.।
फलों की तुड़ाई: टमाटर के फलों की तुड़ाई 70-90 दिन में की जा सकती है।
शिमला मिर्च (Capsicum)
ठंडा मौसम शिमला मिर्च के उत्पादन के लिए एक आदर्श मौसम होता है।
बीज गहराईः 0.5 सेमी।
बीज की दूरीः 45×45 सेमी. तक।
कटाईः शिमला मिर्च की कटाई बुवाई के 90-100 दिन बाद की जा सकती है।
बैंगन (Brinjal)
इस समय बैंगन की बुवाई करने से बैंगन के पौधे पूरे सर्दी के मौसम में फल देते हैं।
बीज की दूरीः 60×45 सेमी की दूरी उचित रहती है।
फल तुड़ाईः बैंगन के फलों की तुड़ाई 90-100 दिन में शुरू हो जाती है।
खीरा (Cucumber)
जब सर्दी के मौसम के आरम्भ में हल्की ठंड होती है तो इस समय खीरे की बुवाई की जा सकती है।
बीज गहराईः खीरे के बीज की बुवाई 2 सेमी की गहराई पर करनी चाहिए।
दूरीः खीरे के बीज की बुवाई के लिए 60×60 सेमी. की दूरी को उचित माना जाता है।
खीरे के फलों की तुड़ाईः बुवाई के 45-50 दिन बाद खीरे के फलों की तुड़ाई की जा सकती है।
लौकी (Bottle Gourd) और तोरी (Ridge Gourd):
यह दोनों ही बेल वाली फसलें होती हैं, जिन्हें खेत की मेढ़ या ट्रीलिस पर चढ़ाकर आसानी से उगाया जा सकता है।
फलों की तुड़ाईः बुवाई करने के 60-70 दिन बाद से इन दोनों के फलों की तुड़ाई की जा सकती है।
मेथी (Fenugreek) और पालक (Spinach):
यह दोनों हरी पत्तेदार सब्जियां बहुत तेजी से बढ़ती हैं।
बीज की उचित गहराईः 1 सेमी. तक की उचित रहती है।
फसल की कटाईः 25-30 दिन में हरी पत्तियाँ काटी जा सकती हैं।
मूली (Radish) और गाजर (Carrot):
यह दोनों जड़ वाली सब्जी की फसलें ठंडे मौसम में बेहतर होती हैं।
बीज की गहराईः बुवाई के लिए 1 सेमी. की गहराई उचित रहती है।
बीज की दूरीः बीज की बुवाई के लिए 5-10 सेमी. की दूरी उचित है।
कटाईः 45-60 दिन से जड़ों को निकाला जा सकता हैं।
चना/मूंगफली (Green Pea) और हरी मटर (Peas):
चना और मटर की बुवाई के लिए यह समय सबसे बेहतर होता है।
बीज गहराईः 3-4 सेमी. तक की गहराई उचित होती है।
दूरीः बुवाई के लिए 30×10 सेमी. उचित मानी जाती है।
कटाईः 60-70 दिन के बाद फसल की कटाई की जा सकती है।
शलजम (Turnip), गोभी (Cabbage), फूलगोभी (Cauliflower) और बंद गोभी (Knol Khol) आदि की फसलें:
यह क्रूसिफेरस कुल की सब्जियां हैं जो कि ठंड में खूब तेजी से बढ़ती हैं।
कटाईः 60-90 दिन में कटाई के योग्य हो जाती हैं।
चुकंदर (Beetroot) और चुकंदर पत्ता (Beet Greens):
यह दोनों ही स्वास्थ्यवर्धक होते हैं। पत्ते 25 दिन में और कंद लगभग 60 दिन में तैयार हो जाते हैं।
सरसों (Mustard Greens):
सरसों की पत्तियां सर्दी में स्वादिष्ट होती हैं।
कटाईः बुवाई करने के 40-50 दिन बाद सरसों की फसल कटने के योग्य हो जाती है।
हरी धनिया (Coriander):
धनिया की फसल के पत्ते बुवाई करने के 30-40 दिन में कटाई करने के लिए तैयार हो जाते हैं।
हरी मिर्च (Green Chilli):
नर्सरी में मिर्च की पौध तैयार करने के बाद मुख्य खेत में रोपाई की जाती है।
फल तुड़ाईः 90 दिन के अन्दर मिर्च तुड़ाई करने के लिए तैयार हो जाती है।
करेला (Bitter Gourd), परवल (Pointed Gourd), टिंडा (Indian Round Gourd) और भिंडी (Okra):
अगर आपके क्षेत्र में अधिक ठंड नहीं पड़ती, तो यह सब्जियां पॉलीहाउस/नेट हाउस में उगाना सफल रहता हैं।
खेती और देखभाल के उपाय:
हमारे कृषि विशेषज्ञ के अनुसार, सबसे पहले खेत में मिट्टी की तैयारी की जाए, इसके लिए 50 प्रतिशत बगीचे की मिट्टी, 30 प्रतिशत गोबर खाद या कम्पोस्ट और 20 प्रतिशत रेत या कोकोपीट का मिश्रण सबसे अच्छा माना जाता है। इसके बाद सिंचाई का ध्यान रखा जाए खेत या गमले की मिट्टी हल्की नम बनाए रखें लेकिन पानी का जमाव न होने दें। ठंडी रातों में हल्की सिंचाई करना ही पर्याप्त रहता है।
पौधों को कम से कम 5 से 6 घंटे धूप मिलना आवश्यक है। प्रति 20-25 दिन के अंतराल पर जैविक खाद का प्रायोग करते रहें। फूल और फल वाली सब्जियों के लिए पोटाशियम युक्त खाद अधिक लाभकारी होता है। नीम के तेल का छिड़काव या जैविक कीटनाशकों का प्रयोग करें ताकि सब्जियां कीट एवं रोगों से सुरक्षित और हरी-भरी बनी रहें।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
