बुरे भाव मिटाकर दूर होगा पीठ का दर्द      Publish Date : 16/09/2026

    बुरे भाव मिटाकर दूर होगा पीठ का दर्द

                                                                                                          प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

अब जीव वैज्ञानिक और डाक्टर भी क्षमा व प्रेम समेत अन्य सकारात्मक मानसिक गुणों के अच्छे प्रभावों का बखान कर रहे हैं। मसलन, बीते दिनों ड्यूक यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में हुई एक शोध से यह पता चला है कि क्षमा, प्रेम और अक्रोध (गुस्सा न करना) जैसे मनोभावों से पीठ व कमर का पुराना दर्द भी दूर हो सकता है।

इस शोध के तहत उन 60 मरीजों (जिनमें महिलाएं भी शुमार थीं) का अध्ययन-परीक्षण किया गया, जो कई सालों से पीठ के दर्द से पीड़ित थे। ये सभी मरीज पूर्व में अनेक चिकित्सकों से इलाज करवा चुके थे। इस संदर्भ में प्रमुख शोधकर्ता डॉ. जेम्स डब्लू कार्सन का कहना है कि इन सभी मरीजों से सिर्फ यही कहा गया कि आप जिससे प्रेम करते हैं, उसके बारे में सकारात्मक रूप से कल्पनात्मक चिंतन करें। मसलन, सोचें कि आपका वह चहेता शख्स चैन-अमन से होगा, उसकी सेहत ठीक होगी और वह तमाम जंजालों से मुक्त होगा।

फिर इसी तरह के भावों को कल्पनात्मक रूप से स्वयं पर भी लागू करें। फिर इसी तरह का ख्याल उस व्यक्ति के बारे में भी रखें, जिसे आप निजी तौर पर नहीं जानते। तदुपरांत उस शख्स के बारे में इसी तरह कल्पना करें, जिसके प्रति आप बुरे भाव रखते हैं। अंत में मरीजों से कहा गया कि वे पीड़ा वाले स्थल का ख्याल कर यह सोचें कि वह भाग स्वस्थ हो रहा है। मरीजों से यह बात भी कही गई कि वे इस तरह की सोच को जहां तक संभव हो स्थायी तौर पर अपने जेहन में रखें।

एक माह बाद परीक्षण से पता चला कि मरीजों को अपने पुराने पीठ दर्द से काफी हद तक राहत मिली। डॉ. कार्सन के अनुसार हमारी भावनाएं और विचार दर्द वाले स्थल पर सीधा प्रभाव छोड़ते हैं।

लेखकः प्रोफेसर आर. एस. सेंगर, अधिष्ठाता जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय एवं निदेशक ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ।