
युवा चेतना के संवाहक Publish Date : 18/01/2026
युवा चेतना के संवाहक
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
वर्तमान समाज की दशा और दिशा तय करने वालों को स्वामी जी ने युवा कहा। स्वामी विवेकानंद जयंती (12 जनवरी) राष्ट्र की युवा चेतना को प्रज्वलित करने का अवसर है, जिसे युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है स्वामी विवेकानंद का जीवन प्रेरणा का जीवंत स्रोत है। उनके पिता विश्वनाथ दत्त की विवेकशीलता और माता भुवनेश्वरी देवी की सरलता ने नरेंद्रनाथ दत्त के चरित्र को निखारा और उनमें साहस, धैर्य एवं मानवता का बीज बोया, तभी वह स्वामी विवेकानंद बन पाए। छोटी आयु में ही उन्होंने अपने भीतर गहन जिज्ञासा और धार्मिक भाव जगाया। वे न केवल अपने गुरुजन और पुस्तकों से ज्ञान ग्रहण करते, बल्कि जीवन के गूढ़ प्रश्नों का समाधान खोजने की लगन में भी लगे रहते। उनके विचारशील मन ने उन्हें केवल भारत की आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ा ही नहीं, बल्कि पश्चिमी विज्ञान और आधुनिक दृष्टिकोणों की समझ भी दी।

स्वामी रामकृष्ण परमहंस से उनका मिलन उनके जीवन का निर्णायक मोड़ था। गुरु की शिक्षाओं ने उनके भीतर आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना का दीप जलाया। उन्होंने युवाओं में शक्ति, साहस और आत्मविश्वास जगाने का संकल्प लिया। उनके लिए युवाओं का अर्थ केवलभविष्य की पीढ़ी नहीं, बल्कि वर्तमान समाज की ऊर्जा और दिशा तय करने वाले लोग थे।स्वामी विवेकानंद का जीवन संदेश आज भी प्रासंगिक है-उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए। उनका उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं था, बल्कि चरित्र, सेवा और आत्मनिर्भरता का मार्ग दिखाना था। उन्होंने युवाओं को सिखाया कि आत्मविश्वास, ज्ञान और दृढ़ संकल्प के बिना कोई महान कार्य नहीं किया जा सकता।
स्वामी विवेकानंद की जयंती के रूप में राष्ट्रीय युवा दिवस हमें यही स्मरण कराता है कि यह अवसर मात्र उनके जन्म का उत्सव नहीं, बल्कि युवा चेतना को प्रज्वलित करने का अवसर है। उनके आदर्श हमें प्रेरित करते हैं कि अपने भीतर छिपी शक्ति को पहचानें, समाज और राष्ट्र के कल्याण में समर्पित हों और जीवन को साहस, धैर्य और उच्च आदर्शों से संजोएं। इस अवसर पर प्रत्येक युवा से यही अपेक्षा की जाती है कि वह स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और उनके संदेशों को आत्मसात कर अपने जीवन में न केवल व्यक्तिगत प्रगति, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा में भी सक्रिय योगदान दे।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
