आंग्ल कैलेंडर का नव वर्ष      Publish Date : 05/01/2026

                    आंग्ल कैलेंडर का नव वर्ष

                                                                                                                                                      प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

जिस कैलेंडर के अनुसार आज नया वर्ष मनाया जा रहा है आज से लगभग 2071 वर्ष पहले यूरोप में जिस दिन नया वर्ष मनाया जाता रहा है वह दिन 1 जनवरी नहीं बल्कि 25 मार्च होता था। 46 ईशा पूर्व का वह वर्ष इतिहास में Year of confusion कहा गया क्योंकि यह वर्ष रोमन कैलेंडर को ठीक करने के लिए 15 महीने और 445 दिन का हुआ और अब यह जूलियन कैलेंडर कहा जाने लगा। सोलहवीं शताब्दी आते आते इस कैलेंडर में फिर 10 दिन का अंतर आने लगा प्राकृतिक और खगोलीय घटनाएं त्योहारों का समन्वय बिगड़ने लगा इसलिए पोप ग्रेगरी (तेरहवें) के निर्देशानुसार सन 1582 के अक्टूबर में 4 अक्टूबर के बाद अगला दिन 15 अक्टूबर मान लिया गया और अब मार्च 25 के बजाय 1 जनवरी को नया वर्ष माना गया तथा यह ग्रिगेरियन कैलेंडर बन गया।

                                                    

रोमन कैथोलिक देशों ने इस परिवर्तन को स्वीकार कर लिया लेकिन प्रोटेस्टेंट मानने वाले देशों ने इसे स्वीकार नहीं किया। 1752 आते आते इनका कैलेंडर 11 दिन के अंतराल का हो गया अब इसे ठीक करने के लिए ब्रिटेन में सन 1752 में 2 सितंबर का अगला दिन 14 सितंबर घोषित किया गया, जिसके विरोध में जनता ने Give us our eleven days का नारा दिया क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति की आयु एक दिन में ही 11 दिन बढ़ गई थी। ग्रिगेरियन कैलेंडर का पूरा इतिहास न तो विज्ञान सम्मत है और न ही प्रकृति सम्मत।

अंग्रेजों के पास शक्ति थी जिसके कारण पूरा विश्व उनके पैमानों पर चल रहा है, हमे अपने लिए और पूरे विश्व के लिए नए पैमाने बनाने की आवश्यकता है। स्वयं को जानना और उस पर गर्व करना आवश्यक इसलिए है कि हमारे पूर्वज न केवल जानकर थे बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण लिए हुए थे। आज का दिन नव वर्ष भले न हो परन्तु आज का दिन हर दिन की तरह एक नया दिन तो है ही। इसलिए आज का दिन आपके लिए अत्यंत शुभ हो।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।