क्या आप एक सकारात्मक व्यक्ति हैं?      Publish Date : 10/12/2025

                      क्या आप एक सकारात्मक व्यक्ति हैं?

                                                                                                                                                                              प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

जो उत्साही, आशावादी और जिज्ञासु हैं, वे हर स्थिति में कुछ नया सीखने की काबिलियत रखते हैं

यदि आप किसी संस्थान में एक पेशेवर के रूप में काम कर रहे हैं और अपने क्षेत्र में सफलता पाना चाहते हैं, तो आपको आशावादी यानी खुशमिजाज, सकारात्मक और उत्साही होना होगा, क्योंकि यही वह चीज है, जो आपको भविष्य में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर ढंग से सक्षम बनाती है। आप किसी भी क्षेत्र में काम कर रहे हों, हर जगह किसी भी समस्या के समाधान के लिए ये गुण बेहद आवश्यक होते हैं। निराशाजनक स्थिति होने के बावजूद यदि आप एक आशावादी दृष्टिकोण अपनाते हैं, तो भविष्य में बेहतर परिणामों की उम्मीद कर सकते हैं। यह आपके अंदर आत्मविश्वास को बढ़ाता है। पेशेवर जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण ही सब कुछ होता है, जिसके जरिये हम असंभव कार्य को भी संभव बना सकते हैं।

प्रभावशाली बनें

आप किसी कंपनी में आशावादी दृष्टिकोण अपनाकर ही कार्य करें, क्योंकि अधिकांश लोग केवल अच्छी तनख्वाह या किसी अन्य वजह से नौकरी की तलाश कर रहे होते हैं। उनकी पहली प्राथमिकता तनख्वाह होती है। वहीं सकारात्मक दृष्टिकोण की भावना के साथ आप अपना और टीम के अन्य लोगों के कार्य करने की क्षमताओं को भी बढ़ाते हैं। आप अपने काम करने की दिशा को सीमित न रखें, क्योंकि अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य करने से आप अधिक लाभप्रद, सफल और प्रभावशाली बनकर बदलाव ला सकते हैं।

नेतृत्व क्षमता का विकास

                                                              

आशावादी दृष्टिकोण के व्यक्ति अपने समयऔर ऊर्जा को उस क्षेत्र पर केंद्रित करते हैं,जिन्हें वे नियंत्रित कर सकते हैं। ऐसे में आप अपने कार्य पर ध्यान केंद्रित करके न सिर्फ उसे अच्छे से पूर्ण कर सकते हैं, बल्कि बड़े पैमाने पर लोगों को भी प्रभावित कर सकते हैं। आपके अंदर नेतृत्व क्षमता का विकास होगा, जिससे आपको आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे।

समाधान के बारे में सोचें

जब कोई समस्या आती है, तो उसके बारे में शिकायतकरने या उसे नज़रअंदाज करने के बजाय, उसके समाधान पर मंथन करें। समस्या को सुलझाने का प्रयास करें और आगे बढ़ें। जब आप नकारात्मक स्थितियों पर ध्यान देने के बजाय, उनका समाधान ढूंढते हैं, तो नकारात्मकता आप पर हावी नहीं होती है।

शांत और उद्देश्यपूर्ण रहें

जब आप वास्तव में आशावादी होते हैं, तो आपके पास अनेकों विकल्प मौजूद होते हैं। आपकी बाहरी परिस्थितियां सही न भी हों, लेकिन यह आपके दिमाग को शांत, सजग और पूरी तरह से नियंत्रित रखने में मदद करता है, जिससे आप खुद को अधिक निश्चिंत और जागरूक समझते हैं और घटनाओं की अधिक कुशलता से व्याख्या करने में सक्षम होते हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।