आतंकी प्रशिक्षण देने वाला विश्वविद्यालय      Publish Date : 13/11/2025

                 आतंकी प्रशिक्षण देने वाला विश्वविद्यालय

                                                                                                                                                                        प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

किसी भी देश की दिशा और गति को तय करने में प्रमुख भूमिका वहां की युवाओं की होती है। ऐसा एक युवा जब यूनिवर्सिटी में पहुंचकर प्रवेश लेता है तब उसे अपने स्वयं के जीवन और अपने राष्ट्र के जीवन को संवारने का प्रशिक्षण मिलना चाहिए लेकिन दुर्भाग्य से अपने देश के कुछ विश्वविद्यालय जिंदगियों को संवारने नहीं बल्कि उन्हें बर्बाद करने का प्रशिक्षण दे रहे हैं।

वैसे तो वामपंथियों के अड्डों के रूप में अनेक विश्वविद्यालय पहले भी यह काम करते रहे लेकिन अब तो बात बहुत आगे बढ़ गई है, ऐसा लग रहा है कि विश्वविद्यालय में आतंक हत्या और विनाश की कोर्स चलाए जा रहे हैं। क्योंकि ऐसे विश्वविद्यालयों के शिक्षक और विद्यार्थी हालांकि जो शिक्षक विद्यार्थी कहलाने की योग्य नहीं है, के नाम जिस प्रकार से दिल्ली आतंकी विस्फोटों में आ रहे हैं उससे तो सामान्य मनुष्य को विचार करना होगा कि वह स्वयं का या अपने परिवार के छोटों का जीवन संवारने के लिए उन्हें किस विश्वविद्यालय में भेजेंगे? एक दुर्भाग्य और भी है की इतनी बड़ी घटना हुई है लेकिन देश के कुछ तथाकथित प्रबुद्ध वर्ग की इस विषय पर कोई टिप्पणी या प्रतिक्रिया नहीं आ रही है।

                                                                  

ऐसा लग रहा है जैसे आतंकियों के लिए होने की योजना थी वैसे आतंकियों की सरपरस्ती करने वाले लोग भी किसी आतंकी से कम नहीं है। ऐसी घटनाओं को सामान्य रूप से अनसुना या अनदेखा करने वाले लोग निश्चित ही ऐसे आतंकियों का संरक्षण करते हैं। भारत के विरोधियों का मनोबल इतना टूट गया है कि अब उन्हें लगता है केवल युवाओं को विचारों से ही बदलने की जरूरत नहीं इसलिए उन्हें आतंकी ट्रेनिंग दे रहे हैं।

यह उनके जीवन का अंत है, ऐसे लोग अपनी राजनीतिक शक्ति के द्वारा आज के युवा वर्ग को रोजगार नाम के ऐसे ब्रह्मजाल में फसाते हैं और सामान्य युवा को भी कुछ पुरुषार्थ करने के बजाय केवल मांग करने को प्रेरित करते हैं। यही लोग भ्रष्टाचार से लेकर आतंक तक सब प्रकार की बुराइयों का पालन पोषण भी करते हैं। हमारे विश्वविद्यालय हमारे विद्यार्थियों को सकारात्मकता के साथ समाज और राष्ट्र के पुननिर्माण के लिए तैयार करें लेकिन यह तभी होगा जब समाज सजग होगा अन्यथा हमारे शहरों में ही ऐसी संस्थाएं बनती और पलती रहेगी और हमें भनक तक नहीं लगेगी।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।