सेवानिवृत्ति के बाद भी हो एक स्थाई आय      Publish Date : 30/10/2025

                  सेवानिवृत्ति के बाद भी हो एक स्थाई आय

                                                                                                                                                                                           प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

एक सेवानिवृत्ति व्यक्ति अपनी बचत का सही तरीके से निवेश किस प्रकार से करें, जिससे कि उनकी स्थाई रूप से उन्हें निरंतर स्थाई आय प्राप्त होती रहे, बता रहें हैं हमारे विशेषज्ञ प्रोफेसर आर. एस. सेंगर-

पार्वती सिंघला ने अपने रूपये सदैव ही बहुत किफायत के साथ खर्च किए। वह 35 वर्ष तक शिक्षक रही और अपनी बेटी को पाला। घर खरीदन से लेकर कॉलेज की फीस भरने तक, उन्होने अपनी बेटी के हर सपने को साकार किया। उनकी बेटी अब विदेश में है और पार्वती अब अपने लिए ही जीना चाहती हैं। सुबह की फिल्टर काफी, कभी-कभार यात्रा और एक सम्माजनक जीवन उनका एकमात्र यही सपना है। ऐसे में उन्हें बिना किसी तामझाम के प्रतिमाह एक लाख रूपये की आवश्यकता होती है। बचत, रिटायरमेंट के बाद मिली रकम और अन्य सभी सम्पत्तियों को मिलाकर उनके पास कुल 2.5 करोड़ रूपये की पूंजी है।

ऐसे में वेतन की तरह पेंशन के लिए वह इन्हें किस प्रकार से निवेश करें, यह उनकी असली चिंता है। माईवेल्थग्रोथडॉटकॉम के सह-संस्थापक हर्षद चेतनवाला की सहायता से सेवानिवृत्त होने वाले लोगों की इस चिंता को दूर करने का प्रयास किया है।

बचत को प्रभावित करती है महंगाईः अपनी दूसरी पारी में कदम रखने से पहले अधिकतर लोग सोचते हैं कि सेवानिवृत्ति के समय उनके पास 50 लाख अथवा एक करोड़ रूपये हों तो उनका बुढ़ापा आराम से कट जाएगा। परन्तु हकीकत में यह सम्भव नहीं हो पाता है, क्योंकि महंगाई वह चोर है जो कि चुपके-चुपके आपकी बचत को निगल जाती है। उदाहरण के लिए यदि पार्वती अपने पैसे को सहेजकर घर अथवा अपने बचत खाते में रखती हैं तो उनकी यह पूंजी मुश्किल से 12-13 वर्ष में ही समाप्त हो जाएगी और ऐसे में बिना पैसे के जीवन जीना कठिन हो जाएगा। इसलिए सही निवेश करना बहुत आवश्यक है।

                                                                   

12 लाख रूपये में नहीं चलेगा कामः पार्वती को इस समय एक लाख रूपये महीना अर्थात वर्ष के 12 लाख रूपये चाहिए। महंगाई की हालत को देखते हुए दो-तीन वर्ष के बाद उनके लिए यह राशि अप्रर्याप्त होगी, क्योंकि कोई भी वित्तीय योजना बनाते समय महंगाई के ग्राफ को ध्यान में रखना बहुत आवश्यक होता है।  वर्तमान में महंगाई छह फीसदी की रफ्तार से बढ़ रही है। इस हिसाब से आपको 10 वष के बाद सालाना खर्च के लिए 21.5 लाख रूपये (11वें वर्ष), 20 वर्ष बाद 38.5 लाख रूपये की आवश्यकता होगी।

कहने का अर्थ यह है कि प्रत्येक गुजरते वर्ष के साथ महंगाई आपकी जरूरत के खर्च को बढ़ा रही है। सेवनिवृत्ति के बाद के वर्षों के लिए वित्तीय योजना तैयार करने में जीवन की प्रत्याशा सबसे अहम चीजों में से एक है। माना कि आपको कम से कम 80 वर्ष तक जीना है तो वित्तीय सुरक्षा के हिसाब से 85 वर्ष मानकर चलेंगे तो अच्छा रहेगा। पार्वती अभी 60 वर्ष की हैं तो उन्हें अगले 25 वर्षों के लिए खर्च की योजना बनानी होगी।

मासिक पेंशनः वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे पहली बात यह सुनिश्चित् करना है कि उनके पास मासिक पेशन प्राप्त करने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध हो। इस सम्बन्ध में हर्षद चेतनवाला के अनुसार, पार्वती को प्रत्येक माह एक लाख रूपये की पेशन को प्राप्त करने के लिए 1.92 करोड़ रूपये से 2.10 करोड़ रूपये की धनराशि का निवेश करने की आवश्यकता है। यह अनुमान 5.5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत अपेक्षित रिटर्न पर आधारित है। महंगाई के साथ पेंशन निकासी की रकम भी प्रतिवर्ष छह प्रतिशत की दर से ही बढ़ेगी। निवेश की रकम आगामी 25 वर्ष तक का खर्च निकालने के काम आएगी।

किस प्रकार के निवेशः पेशन के लिए कहां निवेश करना है? यदि आप एक कंजर्वेटिव निवेशक हैं, यानी बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराते हैं, तो डेट इंस्ट्रूमेंट्स आपके लिए बेहतर होंगे। मसलन, सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम, फिक्स्ड डिपॉजिट, सरकार एवं निजी कंपनियों के बॉन्ड्स, या डेट म्यूचुअल फंड, जहां जाखिम और प्रतिफल (रिटर्न) दोनों ही कम होते हैं।

इसी प्रकार यदि आप बाजार के तोखिम लेने के लिए तैयार हैं तो इक्विटी म्यूचुअल फंड में एक बड़ा दाव लगाकर अधिक रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, डेट और इक्विटी के बीच सामजस्य स्थापित कर निवेश करना हमेशा ही बेहतर रहता है, इससे सुरक्षा और रिटर्न दोनों ही संतुलित बने रहते हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।