
कृषि विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के द्वारा माननीय कुलपति डॉ0 त्रिवेणी दत्त जी का अभिनंदन Publish Date : 18/03/2026
कृषि विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के द्वारा माननीय कुलपति डॉ0 त्रिवेणी दत्त जी का अभिनंदन
विलम्ब से प्राप्त खबरों के अनुसार दिनांक 16 मार्च 2025 को कृषि विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के द्वारा माननीय कुलपति डॉ0 त्रिवेणी दत्त जी का अभिनंदन किया गया।
समस्त कार्यकारिणी पदाधिकारी के साथ किया गया। सर्वप्रथम संरक्षक मनोज कुमार सेंगर, यूनियन के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन एवं महामंत्री श्री सुरेश कुमार मौर्य ने पुष्प गुच्छ देकर माननीय कुलपति जी का अभिनंदन किया| इस अवसर पर माननीय कुलपति महोदय द्वारा समस्त पदाधिकारियों द्वारा रखी गई समस्याओं जैसे विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षकों/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस सुविधा, विश्वविद्यालय के समस्त स्टाफ को 300 दिन के टर्मिनल लीव का भुगतान, विश्वविद्यालय में रिक्त पदों पर शिक्षणेत्तर स्टाफ की पदोन्नति/कंप्यूटर ऑपरेटर को हाउस रेंट अलाउंस की सुविधा एवं अन्य समस्याओं को शीघ्र शासन स्तर से,/विश्वविद्यालय स्तर से निस्तारित किए जाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए| संरक्षक द्वारा कृषि विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ का मैंडेट व क़ृषि विश्वविद्यालय हित में किए जाने का वाले कार्यों को कृषि विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ की प्राथमिकता बताया| इस दौरान निदेशक प्रशासन एवं अनुश्रवण डॉक्टर यू. पी..शाही एवं सह निदेशक प्रशासन एवं अनुश्रवण डॉ पी के सिंह उपस्थित रहे| कृषि विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ मेरठ के पदाधिकारी विकास धामा, मोनिका राठी, सूची गुप्ता, विनय प्रताप सिंह, प्रदीप कुमार सिंह संतोष यादव, विक्रांत सिरोही, राजकुमार, अतुल कुमार गुप्ता, प्रदीप कुमार सिंह एवं अन्य सभी पदाधिकारी गण मौजूद रहे|
कृषि विश्वविद्यालय में वर्मीकम्पोस्ट उत्पादन तकनीकी पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
मृदा विज्ञान विभाग, कृषि महाविद्यालय, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ द्वारा 30 दिवसीय वर्मीकम्पोस्ट उत्पादन तकनीकी विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम सेना की विभिन्न कोर के जवानों एवं अधिकारियों के लिए शुभारम्भ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 मार्च से 15 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जाना है।
कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि माननीय कुलपति महोदय डॉ. त्रिवेणी दत्त जी ने वर्मीकम्पोस्ट के उत्पादन एवं महत्व पर प्रकाश डाला तथा उन्होंने कृषि की भूमिका में वर्मीकम्पोस्ट के महत्व को विस्ता पूर्वक बताया। माननीय कुलपति जी ने प्रशिक्षार्थियों एवं अन्य शिक्षकों व वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के परिवेश में वातावरण को स्वच्छ एवं संतुलित बनाए रखने, उच्च गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न, फल, सब्जियाँ, दूध उत्पादन तथा मृदा की जैविक, रासायनिक एवं भौतिक गुणवत्ता बनाए रखने के लिए वर्मीकम्पोस्ट अत्यंत महत्वपूर्ण जैविक खाद है, जो पौधों को संतुलित मात्रा में पोषक तत्व उपलब्ध कराती है।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. रामजी सिंह जी ने माननीय कुलपति जी का स्वागत किया तथा अपने संबोधन में वर्मीकम्पोस्ट के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आजकल शहरों में भी सजावटी पौधों एवं किचन गार्डन के लिए इसकी अत्यधिक मांग है।
निदेशक शोध डॉ. कमल खिलाडी जी ने वर्मीकम्पोस्ट पर संक्षिप्त प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती के लिए वर्मी कम्पोस्ट अत्यंत महत्वपूर्ण है।
निदेशक प्रसार डॉ. पी. के. सिंह जी ने बताया कि विकसित भारत/2047 के दृष्टिकोण से वर्मीकम्पोस्ट की महत्ता और अधिक बढ़ जाती है।
डॉ. एस. पी. सिंह, विषय समन्वयक ने विस्तारपूर्वक 30 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि दस प्रदेशों से आये प्रशिक्षार्थी इस कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विषय से संबंधित व्याख्यान, प्रयोगशालाओं में प्रयोग तथा भ्रमण भी कराया जाएगा।
मृदा विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. यू. पी. शाही जी ने वर्मीकम्पोस्ट पर संक्षिप्त प्रकाश डालते हुए कहा कि पशु-पक्षियों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए जैविक खादों की महत्वपूर्ण भूमिका है। डॉ. यू. पी. शाही जी ने प्रशिक्षण में आए मुख्य अतिथि माननीय कुलपति महोदय, कुलसचिव, सभी अधिकारियों, प्रशिक्षार्थियों, कर्मचारियों एवं प्रेस मीडिया का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. रामजी सिंह, निदेशक शोध डॉ. कमल खिलाडी, निदेशक प्रसार डॉ. पी. के. सिंह, डॉ. सतेन्द्र कुमार, डॉ. योगेश कुमार, डॉ. नीरज कुमार तथा कृषि संकाय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं सदस्य आदि सभी लोग उपस्थित रहे।
