
गन्ने का उत्पादन बढ़ाने के लिए किया गया सर्वेक्षण Publish Date : 11/12/2025
गन्ने का उत्पादन बढ़ाने के लिए किया गया सर्वेक्षण
आईपीएल कंपनी सकोती के कार्यक्षेत्र में आने वाले विभिन्न गांव के खेतों का सर्वेक्षण कराया गया कि आखिर क्यों यहां पर कुछ जगहों पर गन्ने की उत्पादकता बहुत कम है जबकि कुछ गांवों में उत्पादकता काफी अच्छी है। वैज्ञानिक डॉ आर. एस. सेंगर एवं डॉ अशोक सिंह ने मड़़ोरा गांव के गन्ने के खेतों का भ्रमण किया। इस भ्रमण के दौरान उनके साथ आईपीएल कंपनी के जितेंद्र चौधरी भी शामिल रहे। ग्राम मड़ावरा में कुलक्षेत्र पर किसानों द्वारा गन्ना फसल की प्रजाति ब्व् 0238 ब्व एस 13235 एवं को 15023 की खड़ी फसल का निरीक्षण वैज्ञानिकों के द्वारा गहनता किया गया, जिसमें ग्राम मनोरा के ज्यादातर किसानों के प्रक्षेत्र पर गन्ना प्रजाति सीईओ 238 में टॉप बोरर से प्रभावित फसल देखने को मिली।

दूसरी प्रजाति को.से. 13235 में कोई कीट प्रभावित पौधा देखने को नहीं मिला। उक्त ग्राम मडोरा के कृषकों के प्रक्षेत्र की गन्ने की फसल बुरी तरह से टॉप बोरर के कारण प्रभावित दिखाई दी, जिससे गन्ने की उत्पादकता प्रभावित हुई और गन्ने का वजन भी कम हुआ और फसल काफी कमजोर हो गई है। भ्रमण के दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी कि कीटनाशकों का छिड़काव समय पर करने से लाभ मिलता है एवं इसके साथ ही किसानों को मृदा परीक्षण कराने को भी कहा गया ताकि जो फसल प्रभावित दिखाई दी उसमें यदि कुछ पोषक तत्वों की कमी होगी तो उसको पूरा किया जा सकेगा जिससे फसल में कीट प्रतिरोधी क्षमता विकसित हो सक। जनशरणम एनजीओ नई दिल्ली के माध्यम से कराए जा रहे सर्वेक्षण के फाउंडर अधिकारी रमांशु ने बताया कि उनका प्रयास है कि इस क्षेत्र की उत्पादकता को बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएं।
इसके लिए किसानो के खेतों की मृदा की जांच कराई जाएगी। साथ ही मृदा की बायोडायवर्सिटी को भी चेक किया जाएगा, जिससे मृदा की उर्वरता को सही तरीके से पहचाना जा सके, जिससे भविष्य में महत्वपूर्ण कदम उठाकर गन्ने में लगने वाले रोगों से फसल को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि जनशरणम का प्रयास है कि वह यहां के किसानो को उच्च कोटि का तकनीकी ज्ञान देकर आईपीएल चीनी मिल के कार्यक्षेत्र सकौती में आने वाले किसानो की सहायता कर सके।

डॉ आर. एस. सेंगर ने बताया कि यहां पर किसानों को 238 प्रजाति नहीं बोनी चाहिए इसकी जगह जो नई प्रजातियां आ गई हैं उनको लगाया जाना चाहिए क्योंकि ग्राम कपसाढ क्षेत्र में गन्ने की उपज अच्छी है, और इससे मिल तथा किसानों दोनों को लाभ प्राप्त होता है।
