
विश्व मृदा दिवस 2025 Publish Date : 06/12/2025
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ मे विश्व मृदा दिवस 2025 का आयोजन
कल दिनांक 5 दिसंबर, 2025 को कृषि विश्वविद्यालय मेरठ मे मृदा विज्ञान विभाग एवं इंडियन सोसाइटी ऑफ सॉइल साइन्स के संयुक्त तत्वाधान मे विश्व मृदा दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों की पोस्टर एवं किवज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमे 40 छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

छात्रा हर्षिता साहू ने मृदा स्वास्थ्य एवं उसकी चुनौतियों पर पोस्टर प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमे उन्होने प्रथम स्थान प्राप्त किया। क्विज़ प्रतियोगोता मे टीम डी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम मे छात्राओं व छात्रों ने मृदा दिवस एवं इसके महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए एवं मृदा की देखभाल के प्रति जन मानस मे जागरूकता लाने हेतु छात्राओं व छात्रों द्वारा परिसर मे एक रैली भी निकाली गई।
इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा विश्व मृदा दिवस का थीम स्वस्थ शहरो के लिये स्वस्थ मिट्टी है। (Healthy Soils for Healthy Cities), जो तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण मृदा पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव के प्रति सचेत करता है।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलसचिव डॉ0 रामजी सिंह जी ने की व अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि मृदा व जल दो बहुमूल्य प्रकृतिक संसाधन है, जिसे स्वस्थ व संरक्षित रखना हम सभी की नैतिक ज़िम्मेदारी है। मृदा का महत्व फसल उत्पादन के साथ-साथ स्वस्थ परिस्थितिकी तंत्र बनाए रखने के लिए भी है। अधिष्ठाता कृषि डॉ0 विवेक णामा के द्वारा छात्रों को मृदा स्वास्थ्य हेतु योगदान हेतु सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया। मृदा विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर यू०पी० शाही ने कहा की मृदा को उसके प्रकृतिक रूप मे संरक्षित किए बिना स्मार्ट शहर की परिकल्पना पूरी नहीं हो सकती। आधुनिक रहन-सहन व असंतुलित कृषि पद्धति के कारण मृदा पर गहरा संकट मंड़रा रहा है, जो भारत जैसे बड़ी जनसंख्या वाले देश के लिए घातक होगा। उन्होने कहा कि स्वस्थ मृदा स्वस्थ मानव जीवन का आधार है। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर, एस पी सिंह ने किया।

कार्यक्रम के अंत मे प्रोफेसर सतेन्द्र कुमार ने उपस्थित लोगों को धन्यवाद ज्ञापित किया व प्रोफेसर योगेश कुमार, प्रोफेसर नीरज कुमार एवं समस्त विभागों के विभागाध्यक्ष सहित 90 छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में सक्रिय प्रतिभाग किया।
