
कृषि विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण एवं सेवा-योजन कार्यालय का विधिवत हुआ शुभारंभ Publish Date : 03/09/2025
कृषि विश्वविद्यालय में कुलपति के द्वारा प्रशिक्षण एवं सेवायोजन कार्यालय का शुभारंभ
आज दिनांक 02/09/025 को कृषि विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण एवं सेवा-योजन कार्यालय का विधिवत हुआ शुभारंभ किया गया।

सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कुलपति प्रोफेसर के. के. सिंह के द्वारा प्रशिक्षण एवं सेवायोजन कार्यालय का मंगलवार को विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर के. के. सिंह ने कहा कि शिक्षा, शोध और प्रसार के साथ-साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रशिक्षण एवं सेवायोजन की भी विशेष भूमिका होती है।

कुलपति के. के. सिंह ने कहा कि इसके लिए जरूरी है कि विश्वविद्यालय में छात्रों का अधिक से अधिक संख्या में प्लेसमेंट की व्यवस्था हो सके। इस बात को ध्यान में रखते हुए ही विवि में अलग से प्रशिक्षण एवं सेवायोजन कार्यालय का शुभारंभ किया गया है, जिससे छात्रों को अधिक से अधिक रोजगार दिलाने के लिए उनका प्रशिक्षण और करियर काउंसलिंग तथा मोटिवेशन प्र्रदान कर उन्हें आगे बढ़ाया जा सके।

इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षण और प्लेसमेंट केवल रोजगार का अवसर ही नहीं, बल्कि यह उनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास का माध्यम भी है। इस प्रकार के प्रशिक्षण से छात्रों को व्यवहारिक ज्ञान, उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं की समझ और कार्यक्षेत्र की चुनौतियों का सामना करने का आत्मविश्वास मिलता है।

उन्होनें कहा कि प्लेसमेंट उन्हें अपने अर्जित ज्ञान और कौशल को सही दिशा में उपयोग करने का अवसर प्रदान करता है। इससे न केवल छात्रों का भविष्य सुरक्षित होता है, बल्कि विश्वविद्यालय की पहचान और विश्वसनीयता भी मजबूत होती है। इस प्रकार, प्रशिक्षण और प्लेसमेंट कार्यालय छात्रों और उद्योग जगत के बीच एक सेतु का कार्य करता है, जो शिक्षा को वास्तविक जीवन की आवश्यकताओं से परिचित करा़ता है।

इस दौरान कुलसचिव प्रोफेसर रामजी सिंह वित्त नियंत्रक पंकज चतुर्वेदी, निदेशक ट्रेंनिंग प्लेसमेंट प्रोफेसर आर. एस. सेंगर, अधिष्ठाता कृषि डॉ विवेक धामा, डॉ डीवी सिंह, डॉ जयवीर यादव, डॉ कमल खिलाड़ी, डॉ मनीष शुक्ला, डॉ विजय सिंह, डॉ टी एस सरकार, डॉ सत्य प्रकाश, डॉ संजीव गुप्ता, डॉ शैलजा कटोच, डॉ निमिषा टेहरी, डॉ सावन रावत, डॉ गोविंद विश्वकर्मा, डॉ प्रियांश तोमर, डॉ निधि सिंह और विश्वविद्यालय के छात्र एवं छात्राएं भी मौजूद रहे।
