
मूंगफली की खेती Publish Date : 12/05/2026
मूंगफली की खेती
प्रो0 आर.एस सेंगर एवं डॉ0 निधि सिंह
मई-जून में मूंगफली की सही तरीके से बुवाई करना किसानों के लिए अच्छी कमाई का माध्यम बन सकता है। सही बीज, मिट्टी और उचित देखभाल से मूंगफली की बंपर पैदावार पाना आसान हो सकता है।
किसी भी फसल की खेती करने में सही समय और सही फसल का चुनाव करना किसान की कमाई को काफी हद तक बदल सकता है। इसी बीच मई-जून का महीना ऐसा समय माना जाता है, जब किसान खरीफ सीजन की तैयारी में जुट जाते हैं। इस दौरान कई किसान धान, मक्का और दूसरी फसलों की खेती करने के लिए योजना बनाते हैं, लेकिन मूंगफली की खेती भी इस मौसम में किसानों के लिए अच्छा लाभ प्रदान करने वाला विकल्प माना जाता है, जो कम लागत, कम पानी और अच्छी बाजार मांग के कारण अब कई किसान मूंगफली की खेती की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। वही खास बात यह है कि सही तरीके से खेती करने पर इसकी खेती करने से अच्छी पैदावार और बढ़िया कमाई दोनों ही प्राप्त की जा सकती हैं।
मई-जून में क्यों फायदेमंद है मूंगफली की खेती?

विशेषज्ञों का कहना है कि मूंगफली गर्म मौसम में अच्छी बढ़त करती है, इसलिए मई और जून के मीहने का समय इसकी बुवाई के लिए अच्छा माना जाता है। इस दौरान मिट्टी में हल्की नमी और बढ़ता तापमान मूंगफली के बीज अंकुरण में मदद करता है। वहीं कई इलाकों में मानसून आने से पहले किसान इसकी बुवाई शुरू कर दी जाती हैं, ताकि फसल को समय पर पानी मिल सके। साथ ही मूंगफली को एक अच्छी नकदी फसल भी माना जाता है, क्योंकि इसकी मांग खाने से लेकर तेल बनाने तक कई अन्य कारणों से होती है। यही वजह है कि किसान इसे कम समय में अच्छा मुनाफा देने वाली फसल मानते हैं।
अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी और बीज पर दें ध्यान
कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि मूंगफली की खेती के लिए हल्की और भुरभुरी मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है। साथ ही खेत में पानी जमा नहीं होना चाहिए, क्योंकि ज्यादा नमी फसल को नुकसान पहुंचा सकती है। वही बुवाई से पहले खेत की अच्छी तरह जुताई कर मिट्टी को नरम बना लेना चाहिए। साथ ही ध्यान रखें हमेशा अच्छे और प्रमाणित बीज का ही इस्तेमाल करना चाहिए। इससे फसल में बीमारी का खतरा कम रहता है और उत्पादन अच्छा होता है। इसके अलावा बीज बोते समय लाइन से लाइन की सही दूरी रखना भी जरूरी माना जाता है, जिससे पौधों को बढ़ने की पर्याप्त जगह मिल सके।
समय पर सिंचाई और देखभाल से बढ़ेता है उत्पादन

मूंगफली की फसल में ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती, लेकिन समय पर हल्की सिंचाई करना आवश्यक है। विशेषज्ञों के अनुसार, खेत में जलभराव नहीं होना चाहिए, अन्यथा फसल खराब हो सकती है। वहीं खेत की नियमित निगरानी भी जरूरी है, क्योंकि कई बार कीड़े और फफूंद फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। साथ ही अगर पत्तियों पर दाग या पौधों में सड़न दिखाई दे, तो तुरंत कृषि विशेषज्ञ की सलाह लेकर दवा का छिड़काव करना चाहिए। इसके अलावा खेत की सफाई रखना और खरपतवार हटाते रहना भी मूंगफली की अच्छी पैदावार के लिए जरूरी माना जाता है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
