गेहूं बिजाई करने का सही समय      Publish Date : 06/11/2025

                       गेहूं बिजाई करने का सही समय

                                                                                                                                                  प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 रेशु चौधरी

गेहूं की बिजाई हम तीन चरणों में करते हैं- पहले चरण अगेती बिजाई के लिए, दूसरा चरण समय पर बिजाई के लिए और तीसरा चरण पिछेती बिजाई के लिए। पहले चरण में हम उन किस्मों का चयन करना चाहिए, जो पकने में अधिक समय लेती हैं। दूसरे चरण में हम मध्यम समय में पकने वाली किस्म का का चयन करना चाहिए, और तीसरा चरण में हम कम समय में पकने वाली किस्म का प्रयोग का करना चाहिए। गेहूं की बिजाई करने के लिए सबसे उपयुक्त तापमान 20 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड तक होता है।

गेहूं की बिजाई का पहला चरण:

25 अक्टूबर से 10 नवंबर तक होता है। इस चरण में हम अधिक समय में पकने वाली गेहूं किस्म का प्रयोग करते हैं। जैसे- DBW- 303, DBW- 327, DBW- 332, और HD-2967 इत्यादि। यह गेहूं किस्में पकने में 150 दिन से 160 दिन का समय लेती हैं। इसलिए मार्च में चलने वाली गर्म हवाओं से बचाने के लिए इन्हें अगेती बिजाई करनी जरूरी है। अगेती बजाई की गई किस्में सबसे अधिक पैदावार निकाल कर देती हैं, क्योंकि इन्हें मिटटी से खाद और पानी लेने के लिए पर्याप्त मात्रा में समय मिल जाता है।

गेहूं की बिजाई का दूसरा चरण:

11 नवंबर से 25 नवंबर तक होता है। इस चरण में गेहूं की उन किस्मों का चयन किया जाता है। जो माध्यम समय में पकती हैं, यानी 130 से 140 दिन में पकने वाली किस्मों की इस समय बिजाई की जाती है। कुछ किसान भाई इस समय अगेती किस्मों की भी बिजाई करते हैं। लेकिन वह इतनी अच्छी पैदावार निकाल कर नहीं देती।

इस समय बिजाई करने पर आपकी गेहूं की फसल सबसे अधिक पैदावार देती है। क्योंकि यह गेहूं बिजाई करने का सबसे अच्छा समय है। इस समय गेहूं की बिजाई करने के लिए अनुकूल वातावरण रहता है। इस समय बीज में जमाव अच्छा रहता है, और पैदावार अधिक निकलती है। इस समय किसान भाई सबसे अधिक गेहूं की बिजाई करते है।

गेहूं की बिजाई का तीसरा चरण:

26 नवंबर से 20 दिसंबर तक रहता है। इस समय गेहूं की उन किस्म का चयन किया जाता है। जो सबसे कम समय में पकती हैं। जैसे श्रीराम-111, श्रीराम-231 और HD-2851 यह किस्में पकने में 115 से 125 दिन का समय लेती है। यह किस्मे समय और अगेती बिजाई में अच्छी पैदावार निकल के नहीं देती। जिन किसान भाइयों ने गन्ने की खेती करते हैं, वह गन्ना कटाई के बाद दिसंबर में गेहूं की बिजाई करते हैं।

तीसरे चरण में बिजाई करने के लिए हमें सबसे कम समय में पकाने वाले किस्म का चुनाव करना चाहिए। इस समय अगर आप समय पर अधिक समय पकाने वाली किस्म का चुनाव करते हैं तो वो किस्में पैदावार निकाल कर नहीं देती।

गेहूं एचडी 3410 (Wheat HD 3410):– उन्नत और लोकप्रिय किस्म

                                                                   

🌱उपयुक्त क्षेत्र: उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश के सिंचित इलाके।

सिंचाई: कम पानी में भी अच्छी फसल देती है, लेकिन सिंचाई में देरी नुकसानदायक हो सकती है।

बेहतर क्षेत्र: जहां नहर, नदी, तालाब या नलकूप की अच्छी सुविधा हो।

पौधे की ऊँचाई: लगभग 100–105 सेंटीमीटर।

पकने का समय: जल्दी तैयार होने वाली किस्म।

रोग प्रतिरोधकता: कई बीमारियों से लड़ने में सक्षम।

उपयोग: इसके आटे से ब्रेड, बिस्किट और उत्तम गुणवत्ता का आटा तैयार किया जाता है।

पोषक तत्व: इसमें प्रोटीन, आयरन और अन्य पोषक तत्वों की मात्रा अधिक होती है।

बाजार में मांग: उच्च गुणवत्ता और पोषक तत्वों के कारण किसानों और उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रिय।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।