मानसून सीजन में उगाई जाने वाली लाभदायक फसलें      Publish Date : 03/08/2025

     मानसून सीजन में उगाई जाने वाली लाभदायक फसलें

                                                                                                                                प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 रेशु चौधरी

जून-जुलाई में उगाई जाने वाली फसलों की उनत किस्मों के बार में जानकारी का होना बहुत जरूरी है। जून में किस किस्म की फसल उगाई जाएं हमारे प्रस्तुत लेख में इसकी विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

धान की इन किस्मों का करें उत्पादन

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की स्वर्णा, पंत-10, सरजू 52, नरेन्द्र-359, जबकि टा. 3. पूसा बासमती 1, हरियाणा बासमती सुगंधित तथा पंत संकर धान-1 व नरेन्द्र संकर धान-2 आदि प्रमुख उन्नत संकर किस्में हैं।

धान की किस्मों की बीज दर

धान की महीन किस्मों की प्रति हेक्टेयर चीज दर 30 किग्रा, मध्यम के लिए 35 किग्रा, मोटे चान हेतु 40 किग्रा तथा ऊसर भूमि के लिए 60 किग्रा पर्याप्त होता है, जबकि संकर किस्मों के लिए प्रति हेक्टेयर 20 किग्रा बीज की आवश्यकता होती है।

मक्का इन किस्मों की करें बुवाई

अगर आप मक्का की बुवाई करना चाहते हैं, तो आपको इसकी बुवाई 25 जून तक संपन्न कर लेनी चाहिए। अगर सिंचाई की सुविधा ही तो इसकी बुवाई का कार्य 15 जुलाई तक भी पूरा किया जा सकता है। मक्का की उन्नत किस्मों में शक्तिमान-1, एच. क्यू.पी.एम.-1, संकुल मक्का की तरुण, नवीन, कंचन, श्वेता तथा जौनपुरी सफेद व मेरठ पीली देशी प्रजातियां काफी अच्छी मानी जाती हैं।

जून में अरहर की इन किस्मों की करें बुवाई

                                                      

बेहतर जल व्यवस्था होने पर अरहर की उन्नत किस्म प्रभात व यू.पी.ए. एस. 120 शीघ्र पकने वाली तथा बहार, नरेंद्र अरहर 1 व मालवीय अरहर 15 किस्मों की बुवाई कर सकते हैं। अरहर की बुवाई के लिए प्रति हैक्टेयर क्षेत्र के लिए 12-15 किग्रा बीज पर्यांप्त होता है। अरहर के बीजों को राइजोबियम कल्चर से उपचारित करने के बाद ही बोना चाहिए।

पशु चारे की इन फसलों की करें खेती

पशुओं के लिए हरे चारे की कमी को पूरा करने के लिए इस माह आप ज्वार, लोबिया और चरी जैसी चारे वाली फसलों की बुवाई कर सकते हैं। बारिश न होने की दशा में फ्लेवा देकर बुवाई की जा सकती है।

जून माह में करें इन सब्जियों की खेती

जून के महीने में आप बैंगन, मिर्च और अगेती फूलगोभी की पौध लगा सकते हैं। भिंडी की बुवाई का भी यह काफी अनुकूल समय है। इसके अतिरिक्त लौकी, खीरा, चिकनी तोरी, आरा तोरी, करेला और टिंडा की बुवाई भी इस महीने की जा सकती है।

भिंडी की उन्नत किस्मों में परभनी क्रांति, आजाद भिंडी, अर्का अनामिका, वर्षा, उपहार, वी. आर. ओ.- 5, वी. आर.ओ. -6 व आई. आई. वी. आर.-10 भिंडी की शानदार किस्में मानी जाती हैं। जून में किसान बैंगन, मिर्च अगेती फूलगोभी की पौध भी लगा सकते हैं और लौकी, खीरा, चिकनी तोरी, आरा तोरी, करेला व टिंडा की भी बुवाई कर सकते हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।